सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ हजारों शिकायत पेंडिंग, 10 साल में 8,600 से अधिक शिकायतें, कानून मंत्रालय ने दी लोकसभा में जानकारी
👉 सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ पिछले 10 वर्षों में 8,600 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।
👉 यह जानकारी Ministry of Law and Justice ने लोक सभा में दी।
👉 वर्ष 2025 में 1,102 और वर्ष 2024 में 1,170 शिकायतें प्राप्त हुईं।
👉 वर्ष 2020 में सबसे कम 518 शिकायतें दर्ज की गई थीं।
👉 V. S. Matheshan ने भ्रष्टाचार व अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ी शिकायतों का विवरण मांगा था।
👉 मंत्रालय ने शिकायतों की प्रकृति और कार्रवाई पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
नई दिल्ली। भारतीय सुप्रीम कोर्ट में पिछले दस वर्षों के दौरान पद पर आसीन न्यायाधीशों के खिलाफ 8 हजार 600 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह जानकारी कानून एवं न्याय मंत्रालय ने लोकसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर दी है।
मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025 में 1,102 तथा वर्ष 2024 में 1,170 शिकायतें दर्ज की गईं। वहीं, सबसे कम 518 शिकायतें वर्ष 2020 में प्राप्त हुई थीं। हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये शिकायतें किस प्रकृति की थीं, किन न्यायाधीशों के विरुद्ध थीं अथवा इनमें भ्रष्टाचार से संबंधित कितनी शिकायतें शामिल थीं।
लोकसभा में डीएमके सांसद वीएस मथेशन द्वारा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुराचार या अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ी शिकायतों का ब्यौरा मांगा गया था। इसके जवाब में मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त जानकारी के आधार पर कुल शिकायतों की संख्या साझा की।
कानून मंत्रालय ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के विरुद्ध शिकायतें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी जाती हैं। वहीं, हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतें संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को प्रेषित की जाती हैं। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के माध्यम से प्राप्त शिकायतें भी संबंधित मुख्य न्यायाधीशों तक पहुंचाई जाती हैं।
मंत्रालय ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया न्यायपालिका के स्थापित नियमों के तहत की जाती है।
अमरनाथ झा पत्रकार कौशाम्बी – 8318977396 , 9415254415
