बालू खनन के गड्ढे में डूबने से किशोरी की मौत, खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
चित्रकूट
जनपद चित्रकूट के सरधुवा थाना क्षेत्र स्थित चांदी बालू घाट पर एक दर्दनाक हादसे में किशोरी की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बालू खनन के दौरान बने एक गहरे गड्ढे में किशोरी चली गई, जिससे वह पानी में डूब गई और उसकी जान चली गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन कार्य के बाद बने गहरे गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया जाता और न ही उन्हें समतल कराया जाता है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि खनन स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाते और खतरनाक गड्ढों को भरवाया जाता, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी मामले की जांच कराए जाने की बात कही जा रही है।
