डीएम से शिकायत: मल्हीपुर घाट पर करोड़ों के अवैध खनन का आरोप, पुराने मामले की जांच और राजस्व वसूली की मांग
कौशाम्बी। चायल तहसील क्षेत्र के निवासी राम बलि पुत्र सूरजपाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर यमुना नदी के मल्हीपुर घाट पर वर्षों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत में दावा किया गया है कि विकासखंड नेवादा स्थित मल्हीपुर घाट पर हुए कथित अवैध खनन से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2021-22 में भी इसी घाट पर उपजिलाधिकारी चायल और खनन विभाग द्वारा संयुक्त जांच की गई थी। शिकायत में उल्लेख है कि जांच के दौरान 12,278 घन मीटर अवैध खनन एवं परिवहन की पुष्टि हुई थी। साथ ही रॉयल्टी और खनिज मूल्य को मिलाकर लगभग 92.08 लाख रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खनन विभाग ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन विभागीय मिलीभगत के चलते न तो राजस्व की वसूली की गई और न ही आरोपितों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरा मामला दबा दिया गया, जिससे अवैध खनन का सिलसिला जारी रहा।
राम बलि ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध खनन में शामिल लोगों एवं कथित रूप से लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा बकाया राजस्व की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए।
शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस प्रकार की जाती है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों या अन्य पक्ष का बयान अभी प्राप्त नहीं हुआ है। मामले की वास्तविक स्थिति सक्षम अधिकारियों की जांच एवं आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
