कौशांबी: जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी, सराय अकिल में मचा हड़कंप
👉 फकीराबाद पावर हाउस के पास जमीन पर कब्जे को लेकर भिड़े दो पक्ष, निर्माण गिराने को लेकर भड़का विवाद..
👉 पुलिस की मौजूदगी में पत्थरबाजी, उपद्रवियों पर कार्रवाई कब?
👉 तीन थानों की फोर्स पहुंची, फिर भी दोषियों की गिरफ्तारी पर सवाल!
कौशांबी। सराय अकिल थाना क्षेत्र में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। फकीराबाद पावर हाउस के पास निर्माण गिराने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पत्थरबाजी में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए घटनास्थल रणक्षेत्र में बदल गया। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर
वायरल है । 
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जमीन पर कब्जे और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। निर्माण गिराने को लेकर कहासुनी बढ़ी और फिर दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। कथित तौर पर दर्जनों वकीलों के मौके पर पहुंचने से तनाव और बढ़ गया। हालात ऐसे बन गए कि खूनी संघर्ष की आशंका पैदा हो गई।
घटना के दौरान हुई पत्थरबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।
बता दे कि सराय अकिल थाना क्षेत्र के फकीराबाद पावर हाउस के पास जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ। निर्माण गिराए जाने के बाद दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने और फावड़े से हमला करने का आरोप है। इस मामले में रवि साहू4ने चंद्रशेखर मौर्य तथा धर्मेंद्र पांडे पर जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विवाद के दौरान एक चंद्रशेखर पक्ष के समर्थन में सैकड़ों वकीलों के पहुंचने से तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले 35 वर्षों से जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।
पुलिस की मौजूदगी में बवाल, आखिर उपद्रवियों पर क्या हुई कार्रवाई ?
फकीराबाद पावर हाउस के पास जमीन विवाद में खुलेआम पत्थरबाजी और फावड़े से हमले के आरोपों के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस कार्रवाई को लेकर है। मौके पर एसडीएम, सीओ और तीन थानों की पुलिस पहुंची थी, फिर भी क्या उपद्रवियों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया? क्या दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ? पुलिस को वायरल वीडियो के आधार पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान, निष्पक्ष जांच, मेडिकल परीक्षण, साक्ष्यों का संकलन और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए। जमीन के विवाद का समाधान न्यायिक प्रक्रिया से हो, कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। आखिर प्रशासन बताए कि अब तक क्या कार्रवाई हुई?
फिलहाल इस घटना ने जमीन पर कब्जे और निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और पत्थरबाजी के लिए जिम्मेदार कौन था।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415
