मुख्यालय मंझनपुर में तैनाती, कड़ा का अतिरिक्त प्रभार, लेकिन छह वर्षों से नेवादा से वेतन; मनरेगा की वित्तीय व्यवस्था पर उठे सवाल
कौशाम्बी: मनरेगा में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों की तैनाती और वेतन आहरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय अभिलेखों के अनुसार अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह का वेतन वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक लगातार विकास खंड नेवादा से आहरित किया जाता रहा, जबकि उनकी मूल तैनाती जिला मुख्यालय मंझनपुर में रही और समय-समय पर उन्हें विभिन्न विकास खंडों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता रहा।
15 अप्रैल 2025 को जारी विभागीय आदेश के अनुसार उन्हें सप्ताह में तीन दिन मंझनपुर मुख्यालय और तीन दिन विकास खंड कड़ा में कार्य करना है। आदेश में नेवादा विकास खंड का कोई उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद नेवादा से लगातार वेतन आहरित होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस संबंध में उपायुक्त (श्रम रोजगार/मनरेगा) विनय मिश्र का कहना है कि जनपद में आठ विकास खंड और छह अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी हैं तथा किसी भी अधिकारी का वेतन किसी भी विकास खंड से निकाला जा सकता है। उनके अनुसार इसमें कोई नियमगत विसंगति नहीं है।
हालांकि अब भी यह सवाल बना हुआ है कि यदि किसी भी विकास खंड से वेतन आहरित करने का प्रावधान है, तो इसके समर्थन में संबंधित शासनादेश, वित्तीय नियम या सक्षम अधिकारी का आदेश क्या है? यदि ऐसा कोई प्रावधान मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
लगातार छह वित्तीय वर्षों तक एक ही विकास खंड से वेतन आहरित होने की व्यवस्था अब प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय उत्तरदायित्व का विषय बन चुकी है। ऐसे में संबंधित नियमों और आदेशों को सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करना जनहित में आवश्यक माना जा रहा है।
