क्यों हुआ इंटरनेट बंद , कहाँ हुई हैं इंटरनेट सेवाएं अस्थाईतौर पर बंद ! धारा 163 लागू
जयपुर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की गईं।
जयपुर। जयपुर में सोमवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें या भड़काऊ संदेश फैल सकते हैं, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए एहतियातन यह फैसला लिया गया।
क्यों बंद किया गया इंटरनेट?
प्रशासन के अनुसार, नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए सोशल मीडिया के दुरुपयोग और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
किन सेवाओं पर लगा प्रतिबंध?
- 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं
- व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर)
- बल्क एसएमएस सेवाएं
हालांकि, वॉयस कॉल और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चालू हैं।
कहाँ-कहाँ बंद हुई इंटरनेट सेवाएं?
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व पुलिस जिला के कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गई हैं। यह प्रतिबंध संवेदनशील इलाकों में लागू किया गया है, जहां JDA की कार्रवाई चल रही है।
कितने समय तक रहेगा प्रतिबंध?
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध 24 घंटे के लिए लागू किया गया है। स्थिति सामान्य होने के बाद सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
प्रमुख इंटरनेट बंदी की घटनाएं
1. जम्मू-कश्मीर (2019–2020)
- अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।
- यह दुनिया के सबसे लंबे लोकतांत्रिक इंटरनेट शटडाउन में से एक माना जाता है।
- कई महीनों तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित रहीं।
2. किसान आंदोलन (2020–2021)
- दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के दौरान कई बार इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं।
- हरियाणा और दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए।
3. राजस्थान में भर्ती परीक्षाएं
- REET, पटवारी और अन्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान कई जिलों में इंटरनेट बंद किया गया।
- उद्देश्य पेपर लीक और नकल रोकना था।
4. मणिपुर हिंसा (2023)
- जातीय हिंसा के बाद राज्य में लंबे समय तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं।
- सुरक्षा कारणों से यह प्रतिबंध कई महीनों तक बढ़ाया गया।
5. हरियाणा – नूंह हिंसा (2023)
- सांप्रदायिक तनाव और हिंसा के बाद नूंह तथा आसपास के जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं।
6. पंजाब – अमृतपाल सिंह मामला (2023)
- खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश के दौरान पूरे पंजाब में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गई थीं।
7. जयपुर और अन्य शहरों में प्रशासनिक कार्रवाई (2024–2026)
- अतिक्रमण हटाने, संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई बार इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं।
इंटरनेट बंद करने के प्रमुख कारण
- दंगे और सांप्रदायिक तनाव
- बड़े विरोध प्रदर्शन
- आतंकवाद विरोधी अभियान
- परीक्षा में नकल रोकना
- अफवाहों और फेक न्यूज पर नियंत्रण
- संवेदनशील प्रशासनिक कार्रवाई
क्या इंटरनेट बंद करने का अधिकार है?
भारत में राज्य सरकारें और केंद्र सरकार भारतीय दूरसंचार अधिनियम तथा संबंधित नियमों के तहत सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के हित में अस्थायी रूप से इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर सकती हैं।
रोचक तथ्य
स्वतंत्र शोध संस्थाओं की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में भारत में सैकड़ों बार इंटरनेट शटडाउन लागू किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मणिपुर और हरियाणा जैसे राज्यों में दर्ज किए गए हैं।
