थाना सराय अकिल क्षेत्र में बढ़ते अपराध, अवैध वसूली और हिरासत में अधिकारों के उल्लंघन के आरोप
👉 सराय अकिल में अपराध नियंत्रण पर सवाल, दर्ज मामलों से ज्यादा घटनाओं का आरोप..
👉 वसूली का खेल: ‘इंट्री सिस्टम’ से हर महीने लाखों की अवैध कमाई के आरोप..
👉 हिरासत में अधिकारों का उल्लंघन, BNS 35(C) और अनुच्छेद 21 पर उठे गंभीर प्रश्न..
👉 थाना प्रभारी पर गाली का आरोप, वायरल ऑडियो के बाद आईजी-एडीजी से जांच की मांग..
कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 18 अप्रैल तक 96 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि वास्तविक घटनाओं की संख्या इससे कहीं अधिक है। आरोप है कि कई मामलों को थाने में दर्ज ही नहीं किया जाता, जिससे अपराध का ग्राफ नियंत्रित दिखाया जा सके। दर्ज मामलों में भी बड़ी संख्या में विवेचनाएं लंबित होने की बात सामने आ रही है, जिससे पीड़ितों में असंतोष व्याप्त है और न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
दलाल तंत्र हावी, अवैध खनन और ‘इंट्री सिस्टम’ का खेल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि थाने में शिकायतों की सुनवाई सीधे न होकर बिचौलियों के माध्यम से की जाती है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। कथित रूप से एक “इंट्री सिस्टम” के तहत ट्रैक्टर से 3000 और ट्रकों से 5000 अवैध वसूली की जाती है,सैकड़ों ओवरलोड वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं। आरोप है कि कार्रवाई भी चयनात्मक होती है—जो ‘सेटिंग’ में शामिल नहीं होते, उन्हीं पर सख्ती दिखाई जाती है। इससे पुलिस की निष्पक्षता और कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
हिरासत में अधिकारों की अनदेखी, BNS धारा 35(C) और अनुच्छेद 21 पर सवाल
पुलिस हिरासत को लेकर भी चिंताजनक आरोप सामने आए हैं। कहा जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 35(C) के प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया जाता। यह धारा गिरफ्तारी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विधिक अधिकारों के संरक्षण से जुड़ी मानी जाती है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 21, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, के उल्लंघन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों के सही से कार्य न करने की बात भी सामने आई है, जिससे निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
थाना प्रभारी पर अभद्र भाषा का आरोप, ऑडियो वायरल होने से बढ़ा विवाद

इसी बीच थाना सराय अकिल प्रभारी बीर सिंह पर फोन पर एक व्यक्ति से अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पत्रकारों ने इस प्रकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और जांच की मांग की है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह आचरण सेवा नियमों और आचार संहिता के विरुद्ध माना जाएगा, जिसके तहत विभागीय कार्रवाई संभव है।
आईजी-एडीजी से जांच की मांग, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल
लगातार सामने आ रहे आरोपों के बीच स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने आईजी व एडीजी प्रयागराज का ध्यान आकर्षित कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास कमजोर हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जिस प्रकार से एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं, उससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Amarnath jha Kaushambi – 9415254415
