कागजों में ODF+, हकीकत में खुले में शौच को मजबूर ग्रामीण! डहिया ग्राम पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
कौशाम्बी। विकासखंड नेवादा की ग्राम पंचायत डहिया में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत को अभिलेखों में ODF+ (ओपन डेफिकेशन फ्री प्लस) घोषित कर दिया गया, जबकि गांव के कई परिवार आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में निर्मित सामुदायिक शौचालय अधिकांश समय बंद रहता है। न तो इसे नियमित रूप से खोला जाता है और न ही साफ-सफाई एवं रखरखाव की समुचित व्यवस्था की जाती है। इसके बावजूद शौचालय के केयरटेकर को हर महीने मानदेय दिए जाने का दावा किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव अधिकांश समय ब्लॉक कार्यालय में बैठकर अभिलेखों में कार्य पूर्ण दर्शाते रहे, जबकि जमीनी स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति बदहाल बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि ग्राम पंचायत वास्तव में ODF+ घोषित है तो फिर ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए क्यों जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत के ODF+ प्रमाणन, सामुदायिक शौचालय के वास्तविक संचालन, केयरटेकर की उपस्थिति, मानदेय भुगतान तथा स्वच्छता मद में हुए खर्च की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
