मंझनपुर एसडीएम न्यायालय में घंटों इंतजार से परिजन व अधिवक्ता परेशान, जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आदेश का इंतजार
कौशाम्बी। मंझनपुर एसडीएम न्यायालय में रविवार को शांति भंग के एक प्रकरण में जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद घंटों तक आदेश जारी न होने से परिजनों और अधिवक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को दोपहर करीब 1:20 बजे एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया था, जहां दो जमानतदारों की उपस्थिति में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।
बताया गया कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने और जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को उम्मीद थी कि जल्द ही रिहाई संबंधी आदेश जारी कर दिया जाएगा। हालांकि शाम करीब 6 बजे तक भी आदेश जारी नहीं हो सका, जिससे न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
जमानत आदेश में देरी से बढ़ी परेशानी
परिजनों का कहना है कि जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी घंटों तक आदेश जारी न होने से उन्हें मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। कई लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से न्यायालय पहुंचे थे और पूरे दिन न्यायालय परिसर में इंतजार करते रहे।
अधिवक्ताओं ने भी जताई नाराजगी
न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं का कहना है कि समय पर न्यायालयीन कार्यवाही पूरी न होने से न केवल पक्षकारों को असुविधा होती है बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की गति पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि शांति भंग जैसे मामलों में जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद आदेश जारी करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग
परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध तरीके से आदेश पारित किए जाएं ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा और परेशानियों का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि न्यायालयीन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई से लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
आधिकारिक पक्ष का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में एसडीएम न्यायालय अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन या न्यायालय का पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
