कौशाम्बी में सरकारी जमीनो पर चल रहा लूट का खेल, अफसरों की शह पर चल रही अवैध प्लाटिंग ,जानकारी के बाद भी अधिकारी मौन, कटघरे में चायल तहसील के अधिकारी
👉 तिलहापुर मोड़ में ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा, प्रशासन बना मूकदर्शक ,थाना पिपरी क्षेत्र में खुलेआम कट रहे सरकारी प्लॉट
👉 लेखपाल से तहसील तक मिलीभगत के आरोप, कार्रवाई शून्य ,आईजीआरएस शिकायतों के बावजूद फाइलों में दफन मामला
👉 हाईवे से सटी जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा, अफसरों की चुप्पी ,सरकारी अभिलेख ताक पर, निजी हाथों में सरकारी जमीन
👉 दलाल सक्रिय जिम्मेदार अधिकारी संरक्षण में जुटे ,सवाल सीधा—कब टूटेगा अफसर–भूमाफिया गठजोड़?
कौशाम्बी । जिले की चायल तहसील में सरकारी जमीनों पर अवैध प्लाटिंग का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। आरोप है कि संबंधित सरकारी अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है, बल्कि मिलीभगत के चलते अवैध प्लाटिंग का कार्य निर्बाध रूप से जारी है। यह मामला थाना पिपरी क्षेत्र के तिलहापुर (पेरई) गांव का बताया जा रहा है, जहां ग्राम सभा, चक रोड और नवीन परती की बहुमूल्य सरकारी जमीनों पर कब्जा कर प्लॉट काटे जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तिलहापुर मोड़ हाईवे से सटी इन जमीनों की व्यावसायिक महत्ता अधिक होने के कारण भूमाफियाओं की नजर लंबे समय से यहां टिकी हुई थी। आरोप है कि प्रयागराज के हसिमपुर रोड निवासी उदय भान यादव पुत्र राजकुमार यादव इस अवैध प्लाटिंग के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। सरकारी अभिलेखों में दर्ज जमीनों को निजी दर्शाकर खरीदारों को गुमराह किया जा रहा है।
ग्रामीणों और पेरई ग्राम प्रधान द्वारा तहसील चायल में कई बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई गईं। एडीएम और तहसीलदार को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया, इसके बावजूद न तो कब्जा हटाया गया और न ही प्लाटिंग पर रोक लगाई गई। आरोप है कि लेखपाल सहित कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मौन स्वीकृति या मिलीभगत के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
मामले को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। आवेदन संख्या 92517400024806 तहसीलदार को निस्तारण हेतु प्रेषित की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। आराजी संख्या 120, 165, 171 और 170 पर अवैध कब्जे और प्लाटिंग के स्पष्ट आरोप हैं। इस प्रकरण में दुर्गापुर निवासी रामकीर्तन तिवारी सहित अन्य लोगों तथा कई स्थानीय दलालों की संलिप्तता की भी चर्चा है।
प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल यह है कि जब अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जानकारी है, तो अवैध प्लाटिंग पर रोक कब लगेगी और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कब होगी।
अमरनाथ झा पत्रकार – कौशाम्बी (9415254415)
