कौशांबी के लोहंदा गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डॉ0 बी. पी. अशोक, पुलिस ने रोका, जताया विरोध
👉 लोहंदा गांव पहुंचे डॉ. बी. पी. अशोक, पीड़ित परिवार से मिलना चाहा , पुलिस ने रास्ते में रोककर मिलने से किया इनकार।
👉 डॉ. अशोक ने कहा, पीड़ितों को नजरबंद करना लोकतंत्र की हत्या, शासन-प्रशासन के दुरुपयोग का लगाया आरोप।
👉 लोकमोर्चा जल्द करेगा जेल भरो आंदोलन, अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।
कौशांबी। पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी के संरक्षक डॉ. बी. पी. अशोक सोमवार को जनपद कौशांबी के लोहंदा गांव पहुंचे, जहां वे हाल ही में हुए घटना में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। डॉ. अशोक 30 जून को दोपहर 12 बजे लोहंदा पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
इस दौरान जब डॉ. बी. पी. अशोक ने पुलिस अधिकारियों से उन्हें रोकने का कारण पूछा, तो पुलिस कोई उचित और कानूनी आधार स्पष्ट नहीं कर सकी। उन्होंने इस कार्यवाही को तानाशाही करार देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को नजरबंद करना लोकतंत्र की हत्या है। डॉ. अशोक ने कहा कि बाबासाहब अंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान और भारतीय कानून पीड़ितों के अधिकार छीनने की अनुमति नहीं देता।
डॉ. अशोक ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना शासन और प्रशासन के दुरुपयोग का उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही अपना रवैया नहीं बदला तो लोकमोर्चा, जिसमें पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी भी शामिल है, जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा।
डॉ. बी. पी. अशोक ने इस मामले में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
गौरतलब है कि लोकमोर्चा के संयोजक मा. स्वामी प्रसाद मौर्य हैं, और पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी इसका एक प्रमुख घटक दल है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415 ,8318977396
