प्रयागराज में डाक्टर राजीव सिंह ने की दलित युवक की बेरहमी से पिटाई, डॉक्टर पर गंभीर आरोप, नारायण स्वरूप हॉस्पिटल मुंडेरा का मामला
👉 प्रयागराज के नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में दलित युवक की डॉक्टर व स्टाफ ने की बेरहमी से पिटाई, कई घंटे रखा बंधक बनाने आरोप।
👉 आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने पर जबरन वसूले 25 हजार, जातिसूचक गालियां दीं और नकदी-डॉक्यूमेंट छीने।
👉 पीड़ित ने धूमनगंज थाने में तहरीर देकर डॉक्टर राजीव सिंह व हॉस्पिटल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की किया मांग ।
डॉक्टर राजीव सिंह ने बताया मामला बुनियाद, मनगढ़ंत आरोप
प्रयागराज । जिले के मुंडेरा स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में दलित युवक शिवप्रकाश सरोज के साथ डॉक्टर राजीव सिंह और स्टाफ द्वारा मारपीट एवं बंधक बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर राजीव सिंह ने 10 अगस्त को आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने पर कई बार में 10,000 जबरन वसूले। इसी की शिकायत उसने उसी दिन ऑनलाइन सीएमओ को भेजी थी, जो हमले की वजह बनी।
पीड़ित के अनुसार, 12 अगस्त को उसे अस्पताल बुलाकर दर्जनों स्टाफ ने भाई-बहन समेत सीसीटीवी कैमरे से अलग कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा, जातिसूचक गालियां दीं, ₹5,000 नकद और डॉक्यूमेंट छीन लिए। आरोप है कि डॉक्टर ने ₹25,000 अतिरिक्त लिए और कहा — “आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं करूंगा।” पीड़ित का कहना है कि कई घंटे तक बंधक बनाकर “मुर्गा” बनवाया गया।
घटना प्रयागराज की होने के कारण 12 अगस्त की रात 8:30 बजे मंझनपुर कोतवाली (कौशांबी) में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा तो प्रयागराज की घटना बताकर नहीं दर्ज किया गया । 13 अगस्त की सुबह पीड़ित ने धूमनगंज थाने में जाकर 12 बजे के करीब तहरीर दी और उच्च अधिकारियों से नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है । पीड़ित कौशांबी जिले के थाना माहेवघाट के अंधावा गांव का निवासी है और अपनी बहन का इलाज कराने नारायण स्वरूप हॉस्पिटल मुंडेरा अस्पताल गया था। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर जांच कर कर्रवाई की मांग की है ।
इस मामले में जब प्रयागराज के मुंडेरा स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल प्रकरण में डॉक्टर राजीव सिंह से बात हुई तो उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पीड़ित की बहन का ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड से हुआ था,13 जुलाई को डिस्चार्ज किया गया था।
डॉ. सिंह के अनुसार इलाज पूरी तरह योजना के तहत हुआ।
किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया।
पीड़ित पक्ष आयुष्मान से अतिरिक्त पैसा दिलाने की मांग कर रहा था।
मांग पूरी न होने पर मनगढ़ंत आरोप लगाए गए। इलाज के सभी रिकॉर्ड अस्पताल के पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मामले में झूठी अफवाह फैलाई जा रही है।

अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396
