कौशांबी में रातों-रात कटे 4 दर्जन हरे सागवान के पेड़, वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश
कौशांबी | चरवा थाना क्षेत्र
कौशांबी के चरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत समदा गांव में रातों-रात चार दर्जन से अधिक हरे सागवान के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लकड़ी माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से पेड़ों को काटकर उनकी लकड़ी पिकअप वाहनों के माध्यम से मौके से हटा दी, जबकि प्रशासन और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ग्रामीणों के मुताबिक कटान का कार्य कई घंटों तक चलता रहा, लेकिन इसे रोकने के लिए न तो वन विभाग ने कोई प्रभावी कदम उठाया और न ही स्थानीय पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की। मामले की शिकायत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कार्रवाई के निर्देश भी जारी हुए।
आरोप है कि निर्देश मिलने के बाद भी अब तक न तो काटी गई लकड़ी बरामद की गई है और न ही कथित ठेकेदार, मजदूरों या लकड़ी ढोने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूखे पेड़ों के परमिट की आड़ में हरे-भरे सागवान के पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन पूरे मामले ने वन विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने चरवा थानेदार और संबंधित वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन की मांग की है। उनका कहना है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
