कौशाम्बी जिला पंचायत के करीब ₹10 करोड़ के टेंडरों पर उठे सवाल, फाइलें रोके जाने और कमीशनखोरी के आरोप
कौशाम्बी। जिला पंचायत में करीब ₹10 करोड़ की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए निकाले गए टेंडरों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नाली, सीसी रोड, सड़क मरम्मत, खड़ंजा और यात्रिक शेड जैसे कार्यों के लिए लगभग दो माह पहले जारी 113 टेंडरों की प्रक्रिया पर अब सवाल उठ रहे हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 113 टेंडरों में से 43 टेंडर री-टेंडर किए गए, जबकि 70 टेंडर वैध पाए गए। बताया जा रहा है कि री-टेंडर वाले कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और उनके परिणाम जल्द सार्वजनिक हो सकते हैं।
इसी बीच आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई वैध टेंडरों की फाइलों पर अब तक एग्रीमेंट नहीं किया गया है। कुछ ठेकेदारों का आरोप है कि उनसे कथित रूप से 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई और जिन लोगों ने भुगतान नहीं किया, उनकी फाइलें रोक दी गईं। वहीं यह भी आरोप है कि जिन ठेकेदारों ने कथित भुगतान किया, उनके कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि 70 वैध टेंडरों में से कितनों का एग्रीमेंट हो चुका है, कितने अभी लंबित हैं और देरी के पीछे प्रशासनिक कारण क्या हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ फाइलों पर केवल जिला पंचायत अध्यक्ष के हस्ताक्षर शेष होने के कारण प्रक्रिया रुकी हुई बताई जा रही है।
यदि लगाए जा रहे आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। फिलहाल जिला पंचायत के संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
