डीएम डॉ. अमित पाल की सख्ती: लंबित निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी, नगर निकायों को दिए कड़े निर्देश
कौशाम्बी। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों एवं डूडा (DUDA) के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान कई योजनाओं की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अंतर्गत मंझनपुर, भरवारी, दारानगर, चरवा, करारी एवं अजुहा में चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने 15वें वित्त आयोग, वंदन योजना, नगरोदय योजना, आकांक्षी नगर योजना तथा सीवरेज एवं जल निकासी योजनाओं के कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि वे निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करें, टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी कराएं तथा कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने नगर पालिका परिषद मंझनपुर में निर्माणाधीन कान्हा गौशाला और कल्याण मंडपम के कार्यों की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में नगर निकायों की साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने नालियों की नियमित सफाई, सभी नालियों को चरणबद्ध तरीके से ढकने तथा आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक नगर निकाय द्वारा सार्वजनिक मोबाइल नंबर जारी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों में कराए जा रहे आधारभूत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से विद्यालयों का निरीक्षण कर जर्जर भवनों एवं टपकती छतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
नगर पंचायत पश्चिम शरीरा, दारानगर एवं चायल में निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन बिछाने के कार्यों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तकनीकी टीम गठित कर जांच कराने तथा जल निगम (नगरीय) के सहायक अभियंता को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर सहित नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
