प्रयागराज के जनवा में भूमाफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, राजस्व रिपोर्ट के बाद दो थानों में मुकदमे; कानून के घेरे में 21 से अधिक आरोपी
👉 प्रयागराज में भू-माफियाओं पर बड़ा एक्शन ,83 बीघा सरकारी पहाड़ हड़पने की साजिश नाकाम
👉 राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का सनसनीखेज खुलासा,ए.के. ड्रीम सिटी के नाम दर्ज कराने का आरोप..
👉 किसान की जमीन पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग का मामला,प्रशासन ने हटवाया कब्जा, जमीन कराई मुक्त
👉 21 से अधिक आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा, सरकारी संपत्ति बचाने को राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई
👉 भूमि घोटाले से मचा हड़कंप, जांच तेज ,भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग
प्रयागराज। तहसील बारा के ग्राम जनवा में भूमिधरी भूमि पर कथित अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग किए जाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व विभाग की स्थलीय जांच में कब्जे की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बारा गणेश कनौजिया की संस्तुति पर शंकरगढ़ और लालापुर थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दोनों मामलों में 21 से अधिक नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
मामले की शुरुआत ग्राम ओझापट्टी मानपुर निवासी राजीव कुमार सिंह पुत्र हरिमोहन सिंह की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम जनवा स्थित उनकी भूमिधरी भूमि, गाटा संख्या 630/1, 629 एवं 628 पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया। आरोप है कि कब्जे के बाद भूमि पर प्रवेश द्वार (गेट) स्थापित किया गया, काली सड़क का निर्माण कराया गया और व्यावसायिक प्लॉटिंग शुरू कर दी गई।
शिकायत मिलने के बाद तहसील बारा की राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में अवैध कब्जे के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आने पर एसडीएम बारा ने संबंधित थाना पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद शंकरगढ़ थाना में क्राइम नंबर 0148/2026 दर्ज कर हिमांशु कुशवाहा और उमाकांत कुशवाहा के विरुद्ध बीएनएस की धारा 329(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
वहीं, इसी प्रकरण से जुड़े दूसरे मामले में थाना लालापुर में क्राइम नंबर 070/2026 के तहत शंकर लाल पांडे, रेखा तिवारी, रत्नेश तिवारी, कमलेश तिवारी, आनंद मिश्रा, ए.के. ड्रीम सिटी प्रा. लि., नीरज कुशवाहा, अनीता, पूनम आनंद, पियूष, जगदेव, सचिन समेत कुल 19 नामजद आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धाराएं 318(4), 336(3), 338, 340(2) एवं 61(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही
हैं कि कथित प्लॉटिंग के लिए किन-किन लोगों की भूमिका रही, क्या आवश्यक राजस्व एवं विकास प्राधिकरण की स्वीकृतियां ली गई थीं और कहीं इस पूरे मामले में संगठित तरीके से भूमि कारोबार तो नहीं किया गया। यदि विवेचना में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रयागराज में भूमाफियाओं के विरुद्ध चल रहे अभियान के बीच जनवा का यह मामला प्रशासन की सख्ती का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज होने से साफ संकेत है कि अवैध कब्जे और बिना अनुमति प्लॉटिंग के मामलों में प्रशासन अब कठोर रुख अपनाए हुए है। फिलहाल दोनों मुकदमों की विवेचना जारी है और पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415
