कौशाम्बी के भैला मकदूमपुर में विकास के नाम पर खेल? 15वें वित्त आयोग के फंड पर उठे गंभीर सवाल

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Kaushambi voice

👉 ₹30 लाख खर्च, ज़मीन पर काम नदारद! भैला मकदुमपुर पंचायत पर घोटाले के आरोप

👉 फर्जी फोटो, एक ही लोकेशन पर कई काम—‘मेरी पंचायत’ ऐप में बड़ा खेल उजागर?

👉 अमृत सरोवर से हैंडपंप तक गड़बड़ी के आरोप, भैला मकदुमपुर में जांच की मांग तेज,सिर्फ कागजों पर हुआ विकाश

👉 कागजों में विकास, हकीकत में सवाल—कौशाम्बी पंचायत के खर्च पर उठे गंभीर आरोप, soakpits में  2 लाख 32 हजार दिखाया  फर्जी खर्च  …

कौशाम्बी जनपद के मंझनपुर सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भैला मकदुमपुर में वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा खर्च किए गए फंड को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत को कुल ₹31,26,452 की धनराशि प्राप्त हुई, जबकि करीब ₹30 लाख खर्च दर्शाया गया है। यह धनराशि मुख्य रूप से 15वें वित्त आयोग के तहत गांव के विकास कार्यों पर खर्च दिखाई गई है, लेकिन जमीनी हकीकत पर संदेह जताया जा रहा है।

अमृत सरोवर, ड्रेनेज और हैंडपंप में अनियमितता के आरोप

गांव में बने अमृत सरोवर तालाब में घोटाले के आरोप सामने आ रहे हैं। तालाब निर्माण व मरम्मत के नाम पर भारी खर्च दिखाया गया, लेकिन मौके पर कार्य नहीं हुआ है,जो कम हुआ भी है गुणवत्ता और वास्तविकता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जल निकासी (ड्रेनेज) निर्माण में भी बड़े पैमाने पर धनराशि खर्च दर्शाई गई है—जैसे 17 जनवरी 2026 को एक ही स्थान पर ₹81,000 खर्च दिखाया गया।

इसी के साथ हैंडपंप रिबोर और मरम्मत कार्यों में भी बड़े घोटाले का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि:

कई दर्जन हैंडपंपों का फर्जी रिबोर दिखाकर पैसा निकाला गया

एक ही कार्य को अलग-अलग योजनाओं में दिखाकर भुगतान लिया गया

फर्जी फोटो अपलोड कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया

“मेरी पंचायत” ऐप में फर्जी फोटो और लोकेशन से खेल?

मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। आरोप है कि “मेरी पंचायत” ऐप पर ड्रेनेज कार्यों की फर्जी फोटो अपलोड की गई हैं। विशेष रूप से दिनांक 31 जनवरी 2026 को अपलोड की गई फोटो:

स्पष्ट नहीं दिखाई देती….

एक ही लैटिट्यूड-लॉन्गिट्यूड (25.597363, 81.438596) पर दर्जनों निर्माण कार्य दिखाए गए

अलग-अलग स्थानों के कार्यों को एक ही लोकेशन पर दिखाकर रिकॉर्ड तैयार किया गया

एक ही जगह को अलग-अलग नाम (जैसे समदा) से दर्शाया गया

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कूट रचित (फर्जी) डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर सरकारी धन की निकासी का मामला हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

खर्च के आंकड़ों पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज….

8 जनवरी 2025 से 19 अप्रैल 2026 के बीच विभिन्न मदों में खर्च के नाम पर कई बड़ी रकम दर्शाई गई हैं—₹68,961, ₹1,26,535, ₹1,89,769, ₹2,74,918, ₹2,25,306, ₹3,05,789 सहित कई अन्य भुगतान। इन आंकड़ों की पारदर्शिता और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। आरोप है कि कागजों में विकास दिखाकर जमीनी स्तर पर काम अधूरा या नदारद है। सूत्रों किसने तो अधिकतर फोटो मंझनपुर में कौशाम्बी आई हॉस्पिटल और समदा आस पास की लोड कराई गई है।

 

मामले को लेकर गांव में आक्रोश बढ़ रहा है और उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह ग्राम पंचायत स्तर पर बड़े वित्तीय घोटाले का मामला बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से गांव का विकाश तो नहीं हुआ है लेकिन प्रधान का अपना स्वयं का विकाश जरूर हो गया है।

जीतेंद्र कुमार झा पत्रकार – 9510091195

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