जिले में 134 प्राइवेट अस्पताल और क्लिनिक लेकिन सूची गायब—अब मानकों की जांच पर भी उठे सवाल

0
Kaushambi voice

कौशाम्बी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। सरकारी आंकड़ों में जनपद में करीब 134 प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और क्लिनिक संचालित बताए जा रहे हैं, लेकिन इन सभी संस्थानों की पूरी नामवार सूची सार्वजनिक नहीं है। अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि सिर्फ सूची ही नहीं, बल्कि इन अस्पतालों के मानकों पर खरे होने की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी में कुछ अस्पतालों जैसे Purnima Hospital & Research Center, New Tejmati Hospital (मंझनपुर), Kamadgiri Hospital, Nav Jeevan Hospital & Trauma Centre और Sanjeevani Hospital के नाम सामने आते हैं, लेकिन यह संख्या 134 के मुकाबले बहुत कम है। इससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि बड़ी संख्या में अस्पतालों की न तो सही जानकारी सार्वजनिक है और न ही उनकी गुणवत्ता की पुष्टि।
जांच पर बड़ा सवाल
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार हर प्राइवेट हॉस्पिटल और क्लिनिक को:
निर्धारित मानकों के अनुसार पंजीकरण कराना जरूरी है
समय-समय पर निरीक्षण (Inspection) होना चाहिए
बुनियादी सुविधाएं जैसे डॉक्टर, नर्स, उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था अनिवार्य होती हैं
लेकिन जिले में यह स्पष्ट नहीं है कि:
क्या सभी 134 संस्थानों का नियमित निरीक्षण हो रहा है?
कितने अस्पताल मानकों पर खरे हैं?
कितनों पर कार्रवाई हुई है?
अवैध संचालन की आशंका
जानकारों का मानना है कि सूची सार्वजनिक न होने और निरीक्षण रिपोर्ट सामने न आने से यह संदेह मजबूत होता है कि:
कई क्लिनिक बिना पंजीकरण चल रहे हो सकते हैं
कुछ अस्पताल मानकों की अनदेखी कर मरीजों का इलाज कर रहे हों
यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
CMO कार्यालय पर सवाल
सूत्रों के अनुसार सभी अस्पतालों का रिकॉर्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में उपलब्ध होता है, लेकिन:
न तो पूरी सूची सार्वजनिक है
न ही निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आती है
इससे विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
पारदर्शिता की मांग तेज
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों और जागरूक नागरिकों की मांग है कि:
सभी 134 अस्पतालों/क्लिनिक की सूची सार्वजनिक की जाए
प्रत्येक का रजिस्ट्रेशन और निरीक्षण स्टेटस बताया जाए
अवैध और मानकहीन संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाए
निष्कर्ष – कौशाम्बी में स्वास्थ्य सेवाओं की असल तस्वीर अभी धुंधली है। एक तरफ 134 अस्पतालों का दावा, दूसरी तरफ उनकी सूची और जांच की जानकारी का अभाव—यह साफ संकेत देता है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी खामी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
👉 क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ आंकड़े गिना रहा है, या वास्तव में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित भी कर रहा है?

Amarnath jha Kaushambi -9415254415

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *