कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री धमाका, रेलवे की OHE लाइन प्रभावित:डेढ़ घंटे थमा रेल संचालन, प्रयागराज-कानपुर मार्ग पर ट्रेनें लेट
कौशांबी के मनौरी क्षेत्र स्थित महमदपुर गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट का असर प्रयागराज-कानपुर रेल मार्ग पर भी पड़ा। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे की मुख्य OHE (ओवरहेड इक्विपमेंट) लाइन प्रभावित हो गई। इसके कारण कानपुर से प्रयागराज की ओर आने वाली ट्रेनों का संचालन लगभग डेढ़ घंटे तक बाधित रहा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। विस्फोट की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेलवे के इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने OHE लाइन का निरीक्षण किया और तकनीकी खराबी का पता चलने पर मरम्मत कार्य शुरू किया।
लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खराबी को ठीक कर OHE लाइन को फिर से चालू किया गया, जिसके बाद रेल यातायात सामान्य हो सका। बताया गया कि विस्फोट स्थल से रेलवे ट्रैक की दूरी लगभग 500 मीटर थी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसका प्रभाव रेलवे के विद्युतीकरण सिस्टम तक पहुंच गया। हालांकि, प्रयागराज से कानपुर की ओर जाने वाली रेल लाइन पर कोई समस्या नहीं आई और उस दिशा में ट्रेनों का संचालन अप्रभावित रहा। OHE, यानी ओवरहेड इक्विपमेंट, इलेक्ट्रिक रेल संचालन का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे तारों का एक नेटवर्क होता है, जिसके माध्यम से इलेक्ट्रिक ट्रेनों को लगभग 25 हजार वोल्ट (25 KV) की विद्युत आपूर्ति की जाती है। ट्रेन की छत पर लगा पेंटोग्राफ इन तारों के संपर्क में आकर ट्रेन को लगातार बिजली प्रदान करता है। OHE सिस्टम में तारों को एक निश्चित तनाव में रखा जाता है, ताकि मौसम और तापमान में बदलाव के बावजूद वे ढीले न पड़ें। इसके लिए रेलवे के खंभों और उपकरणों पर काउंटर वेट लगाए जाते हैं। इस संवेदनशील प्रणाली में मामूली तकनीकी खराबी भी इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। पटाखा फैक्ट्री में हुए इस विस्फोट के कारण OHE लाइन प्रभावित होने के बाद रेलवे कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया। समय रहते तकनीकी खराबी को दूर कर रेल संचालन सफलतापूर्वक बहाल कर दिया गया।
