नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प जरूरी : जेल अधीक्षक अजितेश मिश्रा
जिला कारागार कौशाम्बी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित
कौशाम्बी। अंतर्राष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस (26 जून) के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी के तत्वावधान में जिला कारागार कौशाम्बी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों तथा समाज में सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक अजितेश मिश्रा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन जीवन को अंधकार की ओर ले जाता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इससे दूर रहना चाहिए। उन्होंने बंदियों से शिक्षा, खेलकूद, योग, आत्मचिंतन एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर जीवन को नई दिशा देने का आह्वान किया और कहा कि “नशा मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम सभी सामूहिक रूप से इसके खिलाफ संकल्प लें।”
चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की लत व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को कमजोर करती है, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को प्रभावित करती है तथा कई बार अपराध की ओर भी धकेल देती है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल विकास और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
पैरा लीगल वालंटियर अमरदीप दिवाकर ने नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी और मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही मानसिक तनाव, अवसाद, पारिवारिक कलह, सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट तथा आर्थिक संकट जैसी अनेक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि “नशा जीवन नहीं, बल्कि विनाश का मार्ग है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी बंदियों को नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने तथा स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई गई। शिविर का संचालन पीएलवी अमरदीप दिवाकर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पीएलवी निलेश कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर जेलर राजेश राय, डिप्टी जेलर चंद्रावती, कुंती दोहरे, सदानंद सिंह, पीएलवी निलेश कुमार सहित कारागार के अधिकारी, कर्मचारी एवं सभी बंदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
