आज़ादी के 79 वर्ष बाद भी सड़क को तरसा अमरुपुर का डेरा, 150 परिवारों की जिंदगी कीचड़ के भरोसे
कौशाम्बी। विकास के दावों के बीच मंझनपुर तहसील के जाफरपुर महावा स्थित अमरुपुर का डेरा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। आज़ादी के 79 वर्ष बीत जाने के बावजूद गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। इसका खामियाजा करीब 150 परिवारों को हर दिन भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला कच्चा रास्ता बारिश के मौसम में पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते।
ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य आवश्यक कार्यों के दौरान भी सड़क न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे पूरा गांव लगभग मुख्य मार्ग से कट जाता है।
गांववासियों का आरोप है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सड़क निर्माण की मांग से अवगत कराया जाता रहा है। कई बार शिकायतें और मांग पत्र भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद उनकी बस्ती आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से गांव तक शीघ्र पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, मरीजों को समय पर उपचार, किसानों की सुविधा तथा रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी बेहतर होगी।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक अमरुपुर का डेरा विकास की मुख्यधारा से दूर रहेगा और कब उनकी सड़क का सपना पूरा होगा?
