यूपी में 15 दिन का विशेष चेकिंग अभियान शुरू, सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
लखनऊ/उत्तर प्रदेश। प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 1 मई 2026 से पूरे राज्य में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। यह विशेष अभियान 15 मई 2026 तक प्रदेश के सभी 75 जिलों और 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा। अभियान की गंभीरता को देखते हुए सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मुस्तैदी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, प्रदेश में आवारा और निराश्रित गोवंश की समस्या को नियंत्रित करने और उनके बेहतर संरक्षण के लिए यह व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सभी जिलों में स्थापित गोआश्रय स्थलों (गौशालाओं) की स्थिति, व्यवस्थाएं और पशुओं के रख-रखाव की गहन जांच की जाएगी। इस दौरान साफ-सफाई, चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हर मंडल में नोडल अधिकारी तैनात, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश..
इस अभियान की निगरानी के लिए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके निर्देशन में प्रत्येक मंडल में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने का काम करेंगे। नोडल अधिकारी नियमित रूप से रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गौशाला में न्यूनतम 10 कुंतल भूसे का भंडारण अनिवार्य रूप से रखा जाए। इसके अलावा हरे चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गेहूं की कटाई के समय स्थानीय किसानों से भूसा खरीदकर अस्थायी गोदामों, पशु सेवा केंद्रों और खाली पड़े भवनों में भंडारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने दो टूक कहा है कि गोवंश संरक्षण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान प्रदेश में गोवंश संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Amarnath jha Kaushambi.9415254415
