नैनी थाना क्षेत्र के मामा-भांजा चौकी इलाके में हो रही खुलेआम पशु तस्करी, भंडरा के पास हिंदुस्तान ढाबा की आड़ मे खुलेआम तस्करी का धंधा संचालित होने की चर्चा

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👉 सूत्रों के मुताबिक चौकी, थाना से लेकर उच्च अधिकारियों तक हिस्सेदारी तय, हर माह लाखों  रुपये की कथित “बंदरबांट” की बात आई सामने ।

👉 मामा-भांजा, नैनी, अटाला और खुल्दाबाद अलावा  इस क्षेत्र से उन्नाव तक सप्लाई, स्लॉटर हाउस बंद होने के बावजूद रोजाना कई दर्जन पशुओं का होता है वध । दर्जनों गाड़िया ,छोटा हाथी गाड़ी में लाद कर जानवर नैनी ब्रिज होकर पहुंचते है अटाला 

👉 पहले भी प्रशासन को खबरों से कराया गया अवगत लेकिन नहीं ही कार्रवाई , थाना खुल्दाबाद में  एक बार लिखा गया था तस्करों पर मुकदमा,हुई लीपापोती, पशु तस्करी को लेकर योगी सरकार की नीतियों पर उठ रहे सवाल।

👉 प्रयागराज में ढाबे की आड़ में पशु तस्करी का खुला खेल, चौकी से लेकर उच्च अधिकारियों तक हिस्सेदारी की है चर्चा । इलाके में चोरी के पशु को भी है यहां लदवाते।

प्रयागराज। नैनी थाना क्षेत्र की मामा-भांजा चौकी अंतर्गत भंडरा के पास स्थित हिंदुस्तान ढाबा के बगल में पशु तस्करी का धंधा खुलेआम चलने का आरोप सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ढाबे की आड़ में लंबे समय से पशुओं की तस्करी की जा रही है, जिसमें नीचे से ऊपर तक हिस्सेदारी बंटी हुई है। आरोप है कि चौकी, थाना और कुछ उच्च अधिकारियों तक हर माह लाखों रुपये की रकम पहुंचाई जाती है।
सूत्र बताते हैं कि तस्करी का खेल मामा-भांजा चौकी के भंडरा से शुरू होकर नैनी, अटाला और खुल्दाबाद थाना क्षेत्रों में तो चल ही रहा है भंडरा से गुजरता हुआ उन्नाव तक पशुओं की सप्लाई तक फैला हुआ है। इन्हीं इलाकों में खुलेआम पशुओं का वध भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हर महीने 15 से 20 लाख रुपये तक की “बंदरबांट” की जाती है।
यह भी आरोप है कि स्लॉटर हाउस बंद होने के बावजूद प्रतिदिन कई दर्जन पशुओं की अवैध कटान की जा रही है। अटाला में कुछ नाम ऐसे हैं जो स्थानीय स्तर पर चर्चित हैं और पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज बताए जाते हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल कथित वसूली तक ही सीमित रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पत्रकार अमरनाथ झा ने kaushambivoice.com न्यूज बेबसाइड द्वारा खबर के माध्यम से प्रशासन को इस अवैध गतिविधि को खबरों के माध्यम से अवगत कराया गया था, बावजूद इसके आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे योगी सरकार की पशु तस्करी के खिलाफ सख्त नीतियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक मांडा थाना क्षेत्र के भारतगंज इलाके का आमिर सिद्दीकी का नाम भी बताया जाता है कि इस नेटवर्क में सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पशु तस्करी के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। सीवीओ द्वारा क्षेत्रीय पशु चिकित्सक के द्वारा पशु तस्करी करने वालों के फर्जी मेडिकल भी तैयार किया जाता है।

अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396

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