लंबित विवेचनाओं और अनसुलझे अपराधों पर चित्रकूट एसपी सख्त, एक सप्ताह में आरोपपत्र दाखिल करने का अल्टीमेटम

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तीन माह से अधिक पुरानी विवेचनाओं का प्राथमिकता से होगा निस्तारण, हत्या, लूट और चोरी के मामलों के खुलासे के निर्देश…

चित्रकूट में लंबित विवेचनाओं पर एसपी का सख्त रुख
हत्या, लूट और चोरी के अनसुलझे मामलों के खुलासे का अल्टीमेटम…
एक सप्ताह में आरोपपत्र दाखिल करने के थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश..
चित्रकूट। जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस कार्यालय स्थित राघव प्रेक्षागार में एसपी की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकांत राय समेत सभी क्षेत्राधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
गोष्ठी की शुरुआत सैनिक सम्मेलन से हुई, जिसमें पुलिसकर्मियों की समस्याएं और सुझाव सुने गए। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके बाद जनपद में अपराध की स्थिति, लंबित विवेचनाओं और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
एसपी ने तीन माह से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़ी संख्या में लंबित आरोपपत्र और अंतिम रिपोर्ट को एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में दाखिल करने के लिए कड़े निर्देश दिए। हत्या, लूट, चोरी और नकबजनी के लंबित मामलों का अनावरण करने के लिए प्रभावी कार्रवाई और सघन प्रयास करने को कहा गया।
सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में वांछित और शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं अपहरण और महिला संबंधी अपराधों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, पीड़ितों की बरामदगी तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने पर जोर दिया गया।
एसपी ने अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने, गुण्डा अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने और अपराधियों का आपराधिक इतिहास, फोटो व फिंगरप्रिंट यक्ष पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा एनसीआर और एफआईआर से संबंधित आरोपपत्र, अंतिम रिपोर्ट, ई-साक्ष्य, ई-समन, चरित्र सत्यापन तथा माल मुकदमाती के निस्तारण की भी समीक्षा की गई।

सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित FAR, IAR और DAR समय से तैयार करने तथा क्राइम अगेंस्ट वुमेन पोर्टल और आईटीएसएसओ पोर्टल पर लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा गया। दर्पण डैशबोर्ड की रैंकिंग में सुधार के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और आमजन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने तथा जनता के बीच पुलिस की छवि और विश्वास मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी नगर सत्येंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी मऊ फहद अली, क्षेत्राधिकारी राजापुर यामीन अहमद, क्षेत्राधिकारी कार्यालय करिश्मा गुप्ता, एसओजी एवं सर्विलांस प्रभारी एमपी त्रिपाठी, प्रतिसार निरीक्षक रामाशीष यादव, वाचक निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, सोशल मीडिया एवं साइबर सेल प्रभारी विजय कुमार सिंह सहित सभी थाना, चौकी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415

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