ढाई माह बाद भी चोरी का खुलासा नहीं, नामजद आरोपी के बावजूद खाली हाथ संदीपनघाट पुलिस,थाने में दर्ज है अ0सं0-182/26
👉 नामजदगी के बाद भी खुलासा नहीं तो अज्ञात चोरियों का खुलासा भगवान भरोसे! चौकी पुलिस की मिलीभगत का आरोप…
👉 दरोगा चंद्रभान यादव पर संदिग्ध को पकड़कर छोड़ने का आरोप, एसपी से न्याय की गुहार...
👉 दर्जनों चोरियों और लड़कियों के अपहरण मामले दर्ज का अभी तक नहीं हुआ खुलासा,चौकी क्षेत्र में ज्यादा बढ़े है अपराध, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल…
कौशाम्बी। घर में लाखों के जेवरात और नकदी चोरी हो गई। पीड़िता ने नामजद आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन ढाई महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी चोरी का खुलासा नहीं हो सका। संदीपनघाट थाना पुलिस की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता का आरोप है कि जब नामजद आरोपी के संबंध में जानकारी दी गई और पुलिस ने उसे पकड़ा भी, इसके बावजूद उसे छोड़ दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब नामजदगी के बावजूद चोरी का खुलासा नहीं हो रहा तो अज्ञात चोरियों का खुलासा आखिर कैसे होगा?
मामला संदीपनघाट थाना क्षेत्र के बदलेपुर गांव का है। गांव निवासी मंती देवी पत्नी स्वर्गीय मुन्नीलाल के घर में 2 और 3 अगस्त 2026 की दरमियानी रात चोरी हुई थी। पीड़िता के मुताबिक, चोर घर से करीब 30 हजार रुपये नकद, चांदी की पायल, सोने की माला और अन्य आभूषण चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में क्राइम नंबर 182/26 दर्ज है। पीड़िता ने गुड्डू सरोज को नामजद करते हुए चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नामजद आरोपी, फिर भी पुलिस के हाथ खाली!
पीड़िता का आरोप है कि हल्का दरोगा चंद्रभान यादव ने गुड्डू सरोज को पकड़ा था, लेकिन बाद में कथित तौर पर बातचीत के बाद उसे छोड़ दिया। इसके बाद चोरी का खुलासा नहीं हुआ। पीड़िता का कहना है कि आरोपी की ओर से उसे धमकियां भी दी जा रही हैं। हालांकि, पुलिसकर्मी की भूमिका और आरोपी को छोड़ने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत करने पहुंची महिला को डांटकर भगाने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि घटना के करीब एक महीने बाद जब वह थाने पहुंची तो थाना प्रभारी ने उसकी बात सुनने के बजाय डांटकर भगा दिया और शिकायत को झूठा बताया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन चोरी के खुलासे और बरामदगी का इंतजार अब भी बना हुआ है।
चौकी पुलिस की मिलीभगत का संदेह, निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़िता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चौकी पुलिस की मिलीभगत का संदेह जताया है। अब बड़ा सवाल यह है कि नामजद आरोपी के खिलाफ जांच में क्या कार्रवाई हुई? यदि पुलिस ने संदिग्ध को पकड़ा था तो उसे किस आधार पर छोड़ा गया? चोरी गए जेवरात की बरामदगी के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए?
संदीपनघाट पुलिस के सामने सवाल खड़ा है कि नामजदगी के बावजूद ढाई महीने से अधिक समय में चोरी का खुलासा नहीं हो सका तो अज्ञात चोरियों की जांच और खुलासे की स्थिति क्या होगी? पुलिस अधीक्षक से पीड़िता की शिकायत पर निष्पक्ष जांच, चोरी गए सामान की बरामदगी और चोरी करने वाले गुड्डू और उसके परिजन गली नंबर,धमकी दे रहे है, किस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
