कौशांबी वॉइस की खबर का असर, मनरेगा हाजिरी मामले में सीडीओ-डीसी ने लिया संज्ञान
इच्छना गांव में मनरेगा कार्यों की हाजिरी पर उठे सवाल, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
कौशांबी। नेवादा विकासखंड के इच्छना गांव में मनरेगा योजना के तहत मजदूरों की हाजिरी को लेकर उठे सवालों पर कौशांबी वॉइस की खबर का असर हुआ है। खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी और डीसी मनरेगा ने मामले का संज्ञान लिया है।
मामले में डीसी मनरेगा विनय कुमार ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इच्छना गांव में मनरेगा कार्यों में मजदूरों की हाजिरी दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। आरोप है कि मौके पर वास्तविक स्थिति और मनरेगा पोर्टल पर दर्ज हाजिरी में अंतर हो सकता है। मामले में फर्जी फोटो अथवा वास्तविक मजदूरों की मौजूदगी के बिना हाजिरी दर्ज किए जाने की आशंका भी जताई गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि सीडीओ और डीसी मनरेगा की जांच टीम मौके पर कब पहुंचती है और स्थलीय सत्यापन में क्या सामने आता है। यदि पोर्टल पर दर्ज हाजिरी और मौके पर मौजूद मजदूरों का मिलान कराया जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता के लिए शासन स्तर से ऑनलाइन हाजिरी और कार्यस्थल की फोटो अपलोड करने की व्यवस्था लागू है। ऐसे में इच्छना गांव के मामले में पोर्टल पर दर्ज हाजिरी, कार्यस्थल की तस्वीरों और मौके पर वास्तविक मजदूरों की उपस्थिति का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रामीणों और संबंधित लोगों की नजर अब जांच की कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हाजिरी में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415
