दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित घटना पर डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच ने जताई चिंता, संवाद की अपील
कौशांबी/नई दिल्ली। डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर विषय बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
सोमवार को जारी अपने बयान में भवन नाथ पासवान ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं और छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग, लाठीचार्ज अथवा महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां असहमति और संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। ऐसे में युवाओं की आवाज को सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करना सरकार की जिम्मेदारी है।
भवन नाथ पासवान ने अपने बयान में कहा कि “मन की बात के साथ-साथ देश के युवाओं की बात भी सुनना समय की आवश्यकता है, क्योंकि युवा ही भारत का वर्तमान और भविष्य हैं।” उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ सकारात्मक संवाद स्थापित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिले और उनकी समस्याओं का समाधान संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए।
नोट: यह समाचार डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान द्वारा जारी प्रेस बयान पर आधारित है। इसमें व्यक्त आरोप, टिप्पणियां और विचार संबंधित संगठन के हैं। इन दावों पर संबंधित सरकारी पक्ष या दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया इस समाचार में शामिल नहीं है।
