सीएम डैशबोर्ड में खुली विकास कार्यों की पोल! | कौशांबी की 436 परियोजनाओं में से 161 अब भी अधूरी
मुख्यमंत्री सूचना प्रबंधन प्रणाली (CMIS) की जिला अनुश्रवण रिपोर्ट ने कौशांबी में विकास कार्यों की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
📊 मुख्य तथ्य:
✅ कुल परियोजनाएं: 436
❌ अधूरी परियोजनाएं: 161
💰 स्वीकृत बजट: ₹3001.02 करोड़
💸 जारी धनराशि: ₹2061.06 करोड़
📌 खर्च की गई राशि: ₹2017.31 करोड़
सबसे अधिक लंबित परियोजनाएं उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की हैं, जहां 283 में से 129 योजनाएं अब भी अधूरी हैं।
❓ जब करोड़ों रुपये की धनराशि जारी हो चुकी और अधिकांश खर्च भी हो चुका, तो विकास कार्य समय पर पूरे क्यों नहीं हुए?
जनहित से जुड़ी सड़क, पेयजल, भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं की परियोजनाओं में हो रही देरी से आम जनता प्रभावित हो रही है।
क्या जिला प्रशासन लंबित परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय करेगा?
📝 यह समाचार मुख्यमंत्री सूचना प्रबंधन प्रणाली (CMIS) की जिला अनुश्रवण पुस्तिका, जनपद कौशांबी (दिनांक 06 मई 2026) में उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है।
✍️ रिपोर्ट: अमरनाथ झा, पत्रकार
📞 9415254415
