राजू पासी प्रकरण में पत्नी ने एसपी से लगाई गुहार, अवैध हिरासत और प्रताड़ना की आशंका जताई

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आईजीआरएस, 112 और पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजी शिकायतें, पति की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग।

उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच कराकर लगाई न्याय की गुहार 

कौशाम्बी। महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव निवासी राजू पासी के मामले में उनकी पत्नी रागिनी देवी ने पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी को प्रार्थना पत्र देकर पति की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। रागिनी देवी का आरोप है कि 20 जून की शाम 5 बजे उनके पति को गांव से आधा दर्जन लोग सफेद गाड़ी में अपने साथ उठा ले गए थे, जिसके बाद से परिवार को उनकी स्थिति को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।

रागिनी देवी के अनुसार घटना के बाद 21 जून को रात लगभग पौने नौ बजे डायल-112 पर सूचना दी गई, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद रात करीब 11 बजे महेवाघाट थाने में लिखित तहरीर देकर पति के अपहरण की सूचना दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत संख्या 40017426017924 दर्ज कराई गई तथा पुलिस अधीक्षक, आईजी, एडीजी पीआरओ प्रयागराज और डीजीपी कंट्रोल रूम को भी मामले से अवगत कराया गया। पुलिस बवाली के कहने पर मेरे पति को हत्या के केस में फसाना चाहता है ,वह हमारा दुश्मन है ,5 माह पहले भी मेरे पति को रात में गोली मार दिया था लेकिन लोगो के कहने पर हम रिपोर्ट नहीं दर्ज कराए थे। उसकी लड़की सालू कल 5 बजे मेरे न रहने पर घर में घुसी थी और उसका भाई जितेंद्र कुछ दूरी पर 21 जून को सुबह 2 शराब की सीसी और चिलम रखकर वीडियो बनाकर फ़साने का प्लान बना रहे हैं।

शिकायत में कहा गया है कि 22 जून को थाना महेवाघाट पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि राजू पासी चौकी हिनौता में हैं। इसके बाद वह हिनौता चौकी पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने पति को दूर से देखा तथा पुलिसकर्मियों द्वारा संक्षिप्त बातचीत भी कराई गई। रागिनी देवी का आरोप है कि इसके बावजूद आज तक परिवार को राजू पासी की गिरफ्तारी, हिरासत अथवा कानूनी स्थिति के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है।

परिजनों ने आशंका जताई है कि राजू पासी को किसी मामले में झूठा फंसाया जा सकता है या उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जा सकता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है तो गिरफ्तारी मेमो सहित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए।

रागिनी देवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि राजू पासी की वर्तमान स्थिति और स्थान की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।

फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं परिजन राजू पासी की सकुशल बरामदगी और मामले की पारदर्शी जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पीड़िता राजू को 4 दिनों से पुलिस की हिरासत मामले में उसके मौलिक अधिकारों के उल्लंघन और मानवाधिकार हनन तथा अवैध हिरासत बिना अरेस्ट मेमो गिरफ्तारी के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी ।

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