किसानों की समृद्धि का मंत्र: प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक अपनाएं – राज्यमंत्री कृष्णा पासवान

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कौशाम्बी। नगर पालिका परिषद मंझनपुर में आयोजित दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है, बल्कि उत्पादन लागत को कम कर किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

🌱 प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी आय, बचेगा पर्यावरण

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद राज्यमंत्री ने किसानों को बीज मिनीकिट वितरित किए और खेती में नवीन तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।

राज्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने और जैविक विकल्पों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की गुणवत्ता बेहतर होती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।

🚜 सरकार किसानों के साथ खड़ी है

कृष्णा पासवान ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। किसानों को निःशुल्क सिंचाई सुविधा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।

👨‍🌾 किसानों को दी गई तकनीकी जानकारी

कार्यशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक खाद निर्माण, फसल प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं एवं सुझावों को साझा किया।

🤝 जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बीरेंद्र फैजी, कविता पासी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता, शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, लाल बहादुर, पूर्व सांसद विनोद सोनकर सहित कई जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

📢 वक्ताओं का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक खेती भविष्य की आवश्यकता है। इससे किसानों की लागत घटेगी, उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाने की अपील की।

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