पहले मरम्मत, फिर निर्माण के नाम पर खर्च: बलरहा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों पर उठे सवाल
अभिलेखों में शौचालय निर्माण, जमीन पर छात्र खुले में शौच को मजबूर
कौशाम्बी। मंझनपुर विकास खंड की बलरहा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभिलेखों में शौचालयों की मरम्मत और निर्माण पर लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए हैं, जबकि विद्यालयों में छात्र-छात्राएं आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मुकीमपुर कंपोजिट विद्यालय में 14 जनवरी 2025 को बालक एवं बालिका शौचालय मरम्मत के नाम पर क्रमशः 52,837 रुपये और 17,613 रुपये खर्च किए गए। इसके बाद 2 मई 2026 को उसी विद्यालय में शौचालय एवं यूरिनल निर्माण के नाम पर 48,998 रुपये का भुगतान भी दर्शाया गया। ऐसे में एक ही परिसर में पहले मरम्मत और फिर निर्माण पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत में डस्टबिन स्थापना के लिए 2 मई 2026 को 82,088 रुपये तथा 6 जून 2026 को 48,000 रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख अभिलेखों में है। ग्रामीणों का दावा है कि वर्ष 2025 में भी इसी मद में धनराशि खर्च की जा चुकी है।
इसके अलावा विद्यालय के चार कमरों की छत मरम्मत के लिए 10 जनवरी 2025 को 1,14,747 रुपये, 34,560 रुपये और 10,428 रुपये की धनराशि निकाले जाने का भी रिकॉर्ड सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप मरम्मत, नाली निर्माण और अन्य विकास कार्यों में भी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जबकि धरातल पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं देते।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है और विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित दिखाई देते हैं।
अधिकारी का पक्ष
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी विनोदराम त्रिपाठी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
