यूपी की यूट्यूबर से भिड़कर अमेरिकी इन्फ्लुएंसर के फॉलोअर्स घटे:शिवानी बोलीं- मेरे पैसों से घूमा, मुझे ही बदनाम किया

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यूपी की यूट्यूबर से भिड़कर अमेरिकी इन्फ्लुएंसर के फॉलोअर्स घटे:शिवानी बोलीं- मेरे पैसों से घूमा, मुझे ही बदनाम किया

औरैया की इन्फ्लुएंसर शिवानी कुमारी से पंगा लेने वाले अमेरिकी इन्फ्लुएंसर मार्विन अची ने 1 लाख फॉलोअर्स गंवा दिए हैं। शिवानी ने बुंदेलखंड की पारंपरिक ‘टेसू-झांझी’ प्रथा के दौरान उनके चेहरे पर कालिख से मूंछ बनाई थी। मार्विन ने इसको अपमान बताया। शिवानी का मजाक उड़ाते हुए कई वीडियो पोस्ट किए। इसके बाद शिवानी ने दैनिक भास्कर से कहा- मार्विन को भारत घुमाने के लिए मैंने हजारों रुपए खर्च किए, लेकिन उन्होंने मुझे बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पढ़िए उन्होंने सच्चाई उजागर करते हुए क्या-कुछ कहा… शिवानी कहती हैं- मार्विन अची फिटनेस मॉडल हैं, वो भारत आना चाहते थे। पिछले साल उन्होंने खुद मुझे मैसेज किया था। कहा था कि उन्हें हमारा ग्रामीण रहन-सहन और संस्कृति बहुत पसंद है। वे इसे करीब से देखना और समझना चाहते हैं। हमने उनका स्वागत किया। मार्विन पहली बार जुलाई, 2025 में भारत आए थे। तब 2 दिन तक हमारे गांव अरियारी में ठहरे। इस दौरान हमने उनकी खूब खातिरदारी की थी। उन्हें चूल्हे पर बना देसी खाना खिलाया और पूरा गांव घुमाया। फिर वो अपने घर अमेरिका के टेक्सास लौट गए थे। इसके बाद हम सोशल मीडिया पर कनेक्ट रहे। फिर दूसरी बार सितंबर, 2026 में वो भारत आए। शिवानी बोलीं- मार्विन समय से पहले भारत आए शिवानी बताती हैं- जब मार्विन पहली बार हमारे गांव आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि 10 मिलियन फॉलोअर्स होने के बाद ही दोबारा आएंगे। लेकिन, वो समय से पहले भारत आ गए। इस बार भारत आने पर उन्हें सोशल मीडिया पर काफी फायदा हुआ। जब मार्विन भारत आए थे, तब उनके 50 लाख फॉलोअर्स थे। भारत से लौटते समय 60 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे। मेरे साथ बनाए गए उनके कई वीडियो वायरल हुए। इनमें एक वीडियो ऐसा भी था, जिसमें मैं उन्हें अपने हाथों से खाना खिला रही थी। इस वीडियो को 8.7 करोड़ व्यूज मिले थे। शायद यही वजह थी कि उन्होंने वादा 10 मिलियन फॉलोअर का किया था, लेकिन वो सितंबर में ही भारत आ गए थे। इस बार उनके साथ एक लड़की भी थी, जिसका नाम फर्नेंडा था। अपने खर्च पर जैसलमेर-ऋषिकेश घुमाया शिवानी कहती हैं- मार्विन के आने पर हमने उन्हें जैसलमेर घुमाने का प्लान बनाया। कानपुर से लेकर जैसलमेर तक का पूरा खर्च हमने उठाया। वहां ऊंट की सवारी से लेकर खाना बनाने तक के कई रील शूट हुए, जिन पर करोड़ों व्यूज आए। जैसलमेर के बाद पूरी टीम ऋषिकेश गई, जहां का सारा इंतजाम और खर्च भी मैंने ही संभाला। उस समय तक लगा ही नहीं कि कुछ विवाद जैसा भी हो सकता है। हमने पूछा कि ‘टेसू-झांझी’ प्रथा में ऐसा क्या हुआ कि मार्विन नाराज हो गए? जवाब में शिवानी कहती हैं- ऋषिकेश और दिल्ली घूमने के बाद हम 21 अक्टूबर को अपने गांव लौटे। दशहरे के बाद बुंदेलखंड में 6 दिनों तक ‘टेसू-झांझी’ मनाने की परंपरा है। इसमें गुड्डे को टेसू और दीपक वाली मटकी को झांझी कहा जाता है। दोनों का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ उनका विसर्जन किया जाता है। ‘मैंने मार्विन को दुपट्‌टे से ढका, जिससे उन्हें अपमान जैसा न लगे’ मार्विन ने खुद कहा था- मुझे भी ये त्योहार मनाना है। देखना है कि लोग इसको कैसे मनाते हैं? 26 अक्टूबर को टेंट सजवाया गया और करीब 200 लोगों के खाने का इंतजाम किया गया था। इसके बाद टेसू के रूप में मार्विन को सजाया गया था। हमारी परंपरा में टेसू की मूंछ को गर्व का प्रतीक माना जाता है। इसलिए हमने उनके चेहरे पर काले रंग से मूंछ बनाई और माथे पर टीका लगाया। इस दौरान गांव के लोग कीचड़ और धूल भी फेंकते हैं। इसी वजह से हमने मार्विन का सिर दुपट्टे से ढक दिया था, जिससे कहीं उनके सम्मान को कोई ठेस न पहुंचे। आप उस समय के वीडियो देख सकते हैं, मार्विन खूब मस्ती करते हुए दिख रहे थे। कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए। गुवाहाटी पहुंचते ही बदले सुर, कहा- मेरी बेइज्जती कर दी 27 अक्टूबर की सुबह मार्विन को कानपुर एयरपोर्ट छोड़ा, जहां से वह गुवाहाटी रवाना हो गए। लेकिन, रात 11 बजे मार्विन का मैसेज आया कि मेरे वीडियो पर लोग खराब कमेंट्स कर रहे हैं। मेरा अपमान किया गया है। शिवानी की टीम ने उन्हें समझाने की कोशिश की। बताया कि ये बुंदेलखंड की परंपरा है, कोई अपमान नहीं। लेकिन, मार्विन ने कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड कर दिया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कल्चर के नाम पर उनका जानबूझकर अपमान किया गया है। इसके बाद उन्होंने शिवानी के चेहरे पर कालिख लगाने वाले और रोने का नाटक करने वाले कई चिढ़ाने वाले वीडियो पोस्ट किए। शिवानी ने किया अनफॉलो, घटने लगे मार्विन के फॉलोअर्स शिवानी कहती हैं- मार्विन को मैं अपना सच्चा दोस्त मानने लगी थी। वो मेरे भाई की तरह था। लेकिन, ऐसे रवैये से मुझे बहुत दुख हुआ। मैंने मार्विन को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया। एक वीडियो पोस्ट करके अपनी बात रखी। मुझे अंदाजा नहीं था, लेकिन मेरे अनफॉलो करते ही इंडियन फैंस ने मार्विन को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने तो अनफॉलो भी कर दिया। मार्विन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कितने फॉलोअर घटे, ये हमें सोशल ब्लेड की वेबसाइट से पता चला। आंकड़ों के मुताबिक, यह भी सामने आया कि भारत आने से पहले मार्विन के फॉलोअर तेजी से घट रहे थे। लेकिन, वो यहां घूमने आए थे। वीडियो बनाकर अपने अकाउंट पर पोस्ट किए, तो उनके फॉलोअर बढ़ने लगे। यही वजह है कि वो समय से पहले आए और करीब इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन और यूट्यूब पर 4 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बढ़ा ले गए थे। लेकिन, शिवानी के साथ उनके विवाद से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। एक्सपर्ट बोले- ये फाइट बनावटी नहीं क्या ये पब्लिसिटी स्टंट है, व्यूज के लिए सब कुछ हो रहा है? शिवानी कहती हैं- नहीं… ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। सोशल मीडिया एक्सपर्ट से भी यही सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा- ये विवाद बनावटी नहीं है। एक हफ्ते से ज्यादा टाइम गुजर जाने के बाद भी दोनों ओर से कमेंट्स जारी हैं। मार्विन को लगातार फॉलोअर्स का नुकसान हो रहा है, जो किसी पब्लिसिटी स्टंट का हिस्सा नहीं हो सकता। मार्विन विदेशी हैं और वे भारतीय परंपराओं को नहीं समझकर इसे अपमान मान बैठे हैं। खर्चे के सवाल पर एक्सपर्ट्स कहते हैं- विदेशी इन्फ्लुएंसर भारत आने-जाने का टिकट खुद कराते हैं। लेकिन भारत में उनका रुकना, घूमना और खाना-पीना मेजबान इन्फ्लुएंसर ही संभालते हैं। इसके बदले भारतीय इन्फ्लुएंसर को भी कंटेंट और व्यूज के जरिए यूट्यूब व फेसबुक से लाखों रुपए की कमाई होती है। अगर ये विवाद लंबा चला, तो मार्विन को और नुकसान भी हाे सकता है। ————————– यह खबर भी पढ़ें- श्रद्धा ने मॉडल को धमकाया-अफसर से अकेले में मिलना होगा, लड़की को 7 दिन कमरे में बंद रखा मॉडल श्रद्धा एक लड़की पर बड़े अफसर के साथ एक रात बिताने के लिए दबाव बना रही थी। लड़की के मना करने के बाद श्रद्धा ने उसके साथ वो किया, जिसे सोचकर लड़की आज भी सिहर जाती है। दैनिक भास्कर ने लड़की और उसके दोस्त से बात की। सिलसिलेवार पूरी कहानी पढ़िए…

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