धान खरीद घोटाले की जांच तेज, सीआईडी ने मांगी किसानों की खतौनी; जांच के घेरे में वीपैक्स के तीन क्रय केंद्र
👉 धान खरीद में गड़बड़ी की जांच तेज, CID ने तीन क्रय केंद्रों के किसानों की खतौनी तलब की…
👉 . किसानों के नाम पर धान खरीद में खेल की आशंका! CID ने मांगे जमीन के अभिलेख, विभाग में हलचल, वी पैक्स समिति के तहत हुई खरीद मामले में सुरेश परिक का भी नाम आया है सामने..
👉 इस बार नैफेड की एजेंसी को मोहरा बनाकर अधिकारियों की मिलीभगत से कौशांबी में सक्रिय हुआ सिंडीकेट..
👉 कलेक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक धान खरीद के लिए सक्रिय हुआ सिंडीकेट, कब होगी इसकी जांच..
👉 धान खरीद मुकदमे में CID की बड़ी कार्रवाई, टेवा समेत तीन केंद्रों के किसानों का होगा भूमि सत्यापन..
कौशांबी। धान खरीद विपणन वर्ष 2023-24 में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज होती दिखाई दे रही है। पश्चिम शरीरा थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी), प्रयागराज खंड ने कौशांबी के अपर जिलाधिकारी (राजस्व) से तीन धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों की खतौनी की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं। सीआईडी के इस पत्र के बाद धान खरीद व्यवस्था से जुड़े लोगों में हलचल मच गई है।
सीआईडी के निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी की ओर से 16 अक्टूबर 2026 को जारी पत्रांक एसएआईसीडी (कौशांबी) 04/2025 में मुकदमा संख्या 170/2024, धारा 316(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पूर्व में धारा 409 आईपीसी के तहत दर्ज मामले का उल्लेख किया गया है।
पत्र के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में जनपद के तीन धान खरीद केंद्र जांच के दायरे में हैं। इनमें वीपैक्स टेवा, वीपैक्स कुंभियावां के उपकेंद्र मवई तथा वीपैक्स शाहपुर के उपकेंद्र महेवा शामिल हैं। इन केंद्रों पर जिन किसानों ने अपना धान बेचा था, उन सभी किसानों के जमीन संबंधी अभिलेखों की जांच की जानी है।
इसी क्रम में सीआईडी ने अपर जिलाधिकारी (राजस्व) से संबंधित किसानों की खतौनी की प्रमाणित प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जमीन के अभिलेखों के सत्यापन से यह जांचने में मदद मिलेगी कि धान बेचने वाले किसानों की भूमि और उनके द्वारा की गई बिक्री के दावों में कितनी वास्तविकता है।।
बता दे कि कौशाम्बी में अधिकारियों
की मिलीभगत से सरकारी पैसे की लूट में शामिल रहे एजेंसी के संचालक और फर्जी किसानों का सत्यापन करने वाले एसडीएम से लेकर एडीएम, डिप्टी आरएमओ सहित डीएम और जीएम तथा एमडी भी घेरे में है। यदि सीआइडी जांच हुई तो अरबों का घोटाला निकलना तय है और सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले नीचे से लेकर ऊपर तक अधिकारियों का फसना तय है। इसी तरह मंझनपुर ब्लॉक के भैला मकदूमपुर में 3 दर्जन किसानी से 4 हजार कुन्तल धान खरीद फरवरी 2026 तक में दिखाया गया है जो फर्जी है । कई बार मामला मीडिया में आने के बाद भी जांच नहीं हुई है क्योंकि इसमें अधिकारी शामिल हैं, बिना इनके मिलीभगत के घोटाला नहीं हुआ है। अब देखना है कि इन सभी मामलों में जांच होगी या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415
