2047 तक सत्ता का दावा करने वाले डिप्टी सीएम केशव मौर्य ,खुद सिराथू में हार गए थे चुनाव, दावों में कितना दम बना चर्चा का विषय
👉 2047 तक सत्ता में रहने का डिप्टी सीएम केशव मौर्य का दावा, जबकि खुद हार चुके है अपनी सिराथू सीट..
👉 सिराथू में पल्लवी पटेल से हार चुके हैं केशव मौर्य,
2027 की जीत के दावे पर सियासी चर्चा तेज…
कौशांबी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कौशांबी के मंगलम गेस्ट हाउस में स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में उन्होंने चुनावी रणनीति बनाई और सपा पर निशाना साधा।
ऐसे में 2027 में जीत और 2047 तक सत्ता में बने रहने के दावे को लेकर राजनीतिक सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, चुनावी नतीजे पहले से तय नहीं होते और किसी नेता के पिछले चुनाव में हारने के आधार पर भविष्य के परिणामों का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लेकिन उनके लंबे राजनीतिक दावे को लेकर जनता और विपक्ष की प्रतिक्रिया आने वाले समय में चर्चा का विषय बन सकती है।
स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर हुई इस बैठक में भाजपा ने संगठन को सक्रिय करने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। अब देखना होगा कि पार्टी की चुनावी रणनीति का असर मतदान पर कितना पड़ता है और डिप्टी सीएम के दावों को आगामी चुनावों में कितना जनसमर्थन मिलता है।
केशव मौर्य ने दावा किया कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव जीतेगी और 2047 तक सत्ता में बनी रहेगी। हालांकि, 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह कौशांबी की सिराथू सीट से भाजपा प्रत्याशी थे और अपना चुनाव हार गए थे। अपना दल (कमेरावादी) की प्रत्याशी पल्लवी पटेल ने उन्हें 7,337 मतों के अंतर से हराया था। चुनाव आयोग के अनुसार, पल्लवी पटेल को 1,03,846 और केशव मौर्य को 96,663 वोट मिले थे।
इसी चुनावी नतीजे के संदर्भ में 2027 की जीत और 2047 तक सत्ता में बने रहने का उनका दावा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415
