सोशल मीडिया पर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप, एफआईआर दर्ज
सिग्मा डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रबंधक की तहरीर पर मंझनपुर कोतवाली में मुकदमा, प्रसंग कोरी और मनीष राना कोरी पर लगाए आरोप
कौशाम्बी। मंझनपुर स्थित सिग्मा डायग्नोस्टिक सेंटर को सोशल मीडिया के माध्यम से बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सेंटर के प्रबंधक की शिकायत पर प्रसंग कोरी और मनीष राना कोरी के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(2) और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर सेंटर के खिलाफ भ्रामक आरोप प्रसारित किए गए, जिससे संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा। प्रबंधक ने यह भी आरोप लगाया कि सेंटर को बंद कराने और लगातार बदनाम करने की धमकियां दी गईं। इन आरोपों को लेकर प्रबंधन ने पुलिस
से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
जांच में आरोप निराधार मिलने का दावा
सेंटर प्रबंधन का दावा है कि संस्थान के संबंध में की गई जांच में आरोप निराधार पाए गए थे। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक सामग्री प्रसारित कर सेंटर की प्रतिष्ठा प्रभावित करने का प्रयास किया गया। शिकायत में धमकी दिए जाने का आरोप भी शामिल है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की वास्तविकता, शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित धमकियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनका पक्ष इस मामले में उपलब्ध नहीं है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मंझनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री, शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आरोपों और जांच के स्तर पर है, इसलिए किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
