36 हजार में 3 बीघा 15 बिस्वा जमीन, फातमा सोगरा बीबी बनकर रजिस्ट्री कराने का आरोप
👉 36 हजार में 3 बीघा 15 बिस्वा जमीन! सोगरा बीबी बनकर रजिस्ट्री कराने का आरोप…
👉 28 मार्च 1990 के बैनामे पर उठे गंभीर सवाल, असली सोगरा बीबी की जगह दूसरी महिला को खड़ा करने का दावा…
👉 रजिस्ट्रार कार्यालय में पहचान सत्यापन से लेकर अंगूठे के निशान तक जांच के घेरे में, 36 साल बाद भी नहीं खुला राज…
कौशाम्बी। मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पाता, परगना करारी में करीब 36 साल पहले हुए जमीन के एक बैनामे ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि फातमा सोगरा बीबी बेवा मज़हर अब्बास निवासी अगियौना की जगह दूसरी महिला को सोगरा बीबी बनाकर करीब 3 बीघा 15 बिस्वा जमीन महज 36 हजार रुपये में सखावत उल्ला उर्फ जोखू के पक्ष में बैनामा करा दिया गया। मामला तत्कालीन इलाहाबाद जिले का है, जो अब कौशांबी जनपद में है।
बताया जा रहा है कि बैनामा 28 मार्च 1990 को मंझनपुर रजिस्ट्रार कार्यालय में कराया गया था। बैनामे में ग्राम पाता स्थित कई आराजी नंबरों की भूमि शामिल बताई गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक कुल रकबा करीब 18 बीघा 18 बिस्वा था, जिसमें विक्रेता के हिस्से से करीब 3 बीघा 15 बिस्वा भूमि बेचे जाने का दावा है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि वास्तविक सोगरा बीबी की जगह कथित तौर पर जोखू द्वारा जिस महिला को सोगरा बीबी बनाकर रजिस्ट्री कार्यालय में पेश किया गया और उससे रजिस्ट्री कराई गई आखिर वह महिला कौन थी । यदि आरोप सही है तो सवाल सिर्फ जमीन की बिक्री का नहीं, बल्कि तत्कालीन रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई पहचान और दस्तावेजों की जांच का भी है।
अब सवाल यह है कि 28 मार्च 1990 को रजिस्ट्री कराने वाली महिला की पहचान किस आधार पर हुई थी? उसके अंगूठे का निशान किसका था? बैनामे में मौजूद गवाह कौन थे और क्या उनके बयान दर्ज किए गए थे? इन सवालों का जवाब मूल रजिस्ट्री अभिलेख, अंगूठे के निशान, पहचान संबंधी दस्तावेज और तत्कालीन राजस्व रिकॉर्ड की जांच से ही सामने आ सकता है।
करीब साढ़े तीन दशक पुराने इस मामले की चर्चा पहले भी पत्रकार अमरनाथ झा के द्वारा मीडिया में हो चुकी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग मूल अभिलेखों की जांच कर कथित फर्जीवाड़े की परतें खोलता है या 36 साल पुराना यह मामला फाइलों में ही दबा रह जाता है यह एक बड़ा सवाल है ।
अमरनाथ झा पत्रकार- 9415254415
