कौशांबी में 14 मौतों का जिम्मेदार कौन? दो साल पहले लाइसेंस सस्पेंड, मालिक गया था जेल; फिर किसकी निगरानी में चलता रहा पटाखों का कारोबार

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Kaushambi voice

 

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मृतकों की संख्या 14 पहुंची …
मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार..
नौशाद के ठिकानों पर हुई प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई 
मनौरी विस्फोट के बाद आरोपियों पर पुलिस-प्रशासन का शिकंजा…

कौशांबी। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने सिर्फ 11 लोगों की जान नहीं ली, बल्कि पुलिस-प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस फैक्ट्री का लाइसेंस करीब दो साल पहले निलंबित किया जा चुका था और जिसके संचालक को अवैध विस्फोटक रखने के मामले में जेल भेजा गया था, वहां दोबारा बड़ी मात्रा में पटाखों और बारूद का भंडारण कैसे शुरू हो गया?
बताया गया है कि 8 अक्टूबर 2024 को जांच के दौरान नौशाद अली के गोदाम से करीब 1200 किलो बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद जेल से बाहर आने के बाद उसी परिसर में दोबारा पटाखों का कारोबार शुरू होने के आरोप हैं।
31 अगस्त 2026 को इसी फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई। करीब 100 मीटर के दायरे में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि कुछ मकान पूरी तरह ढह गए। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की बात सामने आई है और कई लोग घायल हुए हैं।
आरोप है कि नौशाद के साथ उसके परिवार के अन्य सदस्य भी दोबारा इस कारोबार में शामिल हो गए थे। इनमें भाई शकील, बेटा आदिल और परिवार की महिलाएं शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस की निगरानी पर बड़ा सवाल….
फैक्ट्री पिपरी थाना क्षेत्र में आती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आबादी के बीच बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखों का कथित भंडारण होता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? क्या पूर्व में विस्फोटक बरामदगी के मामले में जेल जा चुके व्यक्ति की गतिविधियों की दोबारा निगरानी की गई थी?
सीओ चायल की निगरानी में आने वाले क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा होने के आरोप सामने आने के बाद थाना स्तर की निगरानी और कार्रवाई की समीक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सवालों के घेरे में प्रशासन और अग्निशमन विभाग की भूमिका …
लाइसेंस निलंबित होने के बाद क्या तहसील प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया? क्या यह जांच की गई कि वहां दोबारा पटाखों का निर्माण या भंडारण तो नहीं हो रहा है? जिस परिसर में गतिविधियां संचालित हो रही थीं, वहां विस्फोटक सामग्री रखने की वैध अनुमति थी या नहीं—इन सवालों का जवाब जांच में सामने आना जरूरी है।
अग्निसुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। क्या अग्निशमन विभाग ने लाइसेंस निलंबन के बाद मौके का निरीक्षण किया था? क्या विभाग को वहां दोबारा पटाखों के भंडारण की कोई जानकारी मिली थी? यदि कोई रिपोर्ट या शिकायत मिली थी तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?
अब जांच में तय होगी जिम्मेदारी…
11 मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि लाइसेंस निलंबित होने और पूर्व में अवैध विस्फोटक बरामद होने के बावजूद फैक्ट्री में दोबारा गतिविधियां कैसे शुरू हुईं?
क्या संबंधित विभागों के पास इसकी जानकारी थी या निगरानी में चूक हुई? क्या किसी स्तर पर संरक्षण मिला? या फिर पूरा मामला विभागीय लापरवाही का है?
इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करना जरूरी होगा।
11 मौतों ने एक बात साफ कर दी है—सिर्फ हादसे की जांच नहीं, बल्कि हादसे से पहले हुई कथित चूक की भी जांच होनी चाहिए।

नौशाद के गोदाम की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, मकान से छह बोरी पटाखा बरामद

कौशांबी। मनौरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के बीच पुलिस को नौशाद के मूरतगंज में गोदाम होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान शेरगढ़ मोड़ के पास एक मकान से करीब छह बोरी पटाखा बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
बरामद पटाखों को पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पटाखे किसके हैं और इन्हें मकान में किस उद्देश्य से रखा गया था।
मनौरी विस्फोट के बाद जिले में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मूरतगंज में हुई इस बरामदगी को भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब बरामदगी से जुड़े लोगों और इसके कनेक्शन की जांच कर रही है।

अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415

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