महोबा में कार समेत इंजीनियर बहा, नाले में गिरी वैन:नदी में फंसे मछुआरे; लखनऊ समेत 15 शहरों में बारिश, 53 में अलर्ट
यूपी में मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। महोबा में भारी बारिश के बाद स्थानीय नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे छोटे पुल जलमग्न हो गए। काली पहाड़ी गांव के पास एक इंजीनियर तेज बहाव में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने रस्सी की मदद से उसे बचाया। झांसी में 48 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से सुखनई नदी में अचानक बाढ़ आ गई। मछली पकड़ने गए चार मछुआरे तेज बहाव में फंस गए। किनारे पर लगे एक पेड़ पर चढ़कर मदद की गुहार लगाने लगे। सूचना मिलने पर पहुंची SDRF की टीम ने चारों को बचाया। झांसी में ही एक उफनाते नाले में वैन बह गई, जिसमें सवार 6 लोगों को स्थानीय लोगों ने रस्सी से सुरक्षित निकाला। उधर, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ के बाद शव बहकर यूपी आ रहे हैं। गुरुवार को महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन ने तीन-तीन शवों को गंडक (नारायणी) नदी से बाहर निकाला। अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है। रेस्क्यू टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। वहीं, शुक्रवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, बाराबंकी, सीतापुर और संभल समेत 15 शहरों में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है। आज मौसम विभाग ने 53 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बारिश और बाढ़ की तस्वीरें… लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- मध्य प्रदेश-राजस्थान और दक्षिणी यूपी के ऊपर बने दबाव के क्षेत्र से अब तक प्रदेश में जमकर मानसूनी बारिश हुई। लेकिन, अब यह सिस्टम आगे बढ़ रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियों पर ब्रेक लगेगा। 2-3 दिन यानी 31 अगस्त तक बारिश में कमी आएगी। इसके बाद सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से बारिश का सिलसिला शुरू होगा। यूपी में मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
