कोखराज में 10 भूमि विवादों का मौके पर निस्तारण
एसडीएम सिराथू ने राजस्व-पुलिस टीम के साथ लगाया कैंप, अतिक्रमण हटाने के साथ जलभराव की समस्या के समाधान के दिए निर्देश
कौशाम्बी। राजस्व विभाग के “टॉप-10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के तहत बुधवार को ग्राम कोखराज में विशेष कैंप का आयोजन किया गया। उप जिलाधिकारी सिराथू प्रमेश श्रीवास्तव की मौजूदगी में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों की भूमि संबंधी शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान 10 भूमि विवादों का गांव में ही मौके पर निस्तारण कराया गया।
कैंप के दौरान एसडीएम सिराथू और खंड विकास अधिकारी ने गांव में जलभराव की समस्या का भी स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए संबंधित कर्मचारियों को नाली निर्माण कराने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता केला देवी की नाली निर्माण संबंधी शिकायत की जांच में टीम को पता चला कि संबंधित स्थान पर इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा होने के बाद नाली का निर्माण कराया जाएगा।
इसी तरह आबादी से जुड़े एक भूमि विवाद को दोनों पक्षों की मौजूदगी में मौके पर ही सुलझाया गया। शिकायतकर्ता राधा देवी की ओर से गांव में किए गए अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर राजस्व एवं पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अतिक्रमण हटवाया।
वहीं शिकायतकर्ता सुरेश चंद्र की धान की फसल न लगाने देने संबंधी शिकायत का भी राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर निस्तारण कराया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की, जिससे विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि भूमि संबंधी विवादों के कारण ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अभियान के तहत गांवों में ही पहुंचकर शिकायतों का समाधान कराया जा रहा है। मौके पर राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी से शिकायतों के निस्तारण में भी तेजी लाई जा रही है।
एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता बरती जाए। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करते हुए उनका मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि छोटे विवाद आगे चलकर बड़े विवाद का रूप न ले सकें।
कैंप के दौरान ग्रामीणों को राजस्व एवं भूमि संबंधी मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिकायतों के निस्तारण का भरोसा भी दिया गया। अभियान से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने और गांव स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में पहल को बल मिला।
