कौशांबी के एडेड विद्यालयों में अब भी करीब 80 शिक्षकों के पद रिक्त, कई स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था भी अधूरी
कौशांबी। जिले के सहायता प्राप्त (एडेड) हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी अब भी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। वर्तमान में जिले में संचालित लगभग 363 सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब 80 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके चलते कई विद्यालयों में विषयवार शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार जिले में पहले सहायता प्राप्त विद्यालयों की संख्या अधिक थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद अब इनकी संख्या घटकर लगभग 363 रह गई है। इसके बावजूद शिक्षकों के रिक्त पद अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
कई विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था भी अधूरी
शिक्षकों की कमी के साथ-साथ कई सहायता प्राप्त विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। अनेक स्कूलों में अब तक सीसीटीवी कैमरे, निगरानी प्रणाली तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
डीआईओएस ने भर्ती प्रक्रिया पर दी जानकारी
इस संबंध में पत्रकार अमरनाथ झा द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) एल.बी. मौर्य से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के स्तर से नहीं होती, बल्कि संबंधित चयन आयोग एवं शासन के माध्यम से नियुक्तियां की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि रिक्त पदों का विवरण समय-समय पर शासन को भेजा जाता है तथा उपलब्ध शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था संचालित कराई जा रही है।
शीघ्र भर्ती और सुरक्षा संसाधनों की मांग
शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए रिक्त शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति की जानी चाहिए। साथ ही सभी सहायता प्राप्त विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
