चाइनीज मांझे से मंत्री के भतीजे की गर्दन कटी:बरेली में हालत नाजुक देख मंत्री भड़के, बोले- बैन के बाद कैसे बिक रहा

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चाइनीज मांझे से मंत्री के भतीजे की गर्दन कटी:बरेली में हालत नाजुक देख मंत्री भड़के, बोले- बैन के बाद कैसे बिक रहा

बरेली में चाइनीज मांझे से यूपी के राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 साल के भतीजे की गर्दन कट गई। सोमवार सुबह करीब 6 बजे आदित्यवीर सिंह गंगवार स्कूटी से स्टेडियम जा रहा था। फ्लाईओवर पर अचानक चाइनीज मांझा उसकी गर्दन से लिपट गया। जब तक वह कुछ समझ पाता, गर्दन का काफी हिस्सा कट चुका था। आदित्य स्कूटी के साथ सड़क पर गिर गया। पूरा शरीर खून से लथपथ हो गया। आसपास के लोग उसे तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले गए और परिवार को सूचना दी। सूचना मिलते ही मंत्री अस्पताल पहुंचे और भतीजे की हालत देखकर भड़क गए। कहा- प्रतिबंध के बावजूद मांझा कैसे बिक रहा है? डीएम-एसएसपी दोनों को बुलाकर बात करूंगा। आदित्य के पिता अजय सिंह गंगवार पीलीभीत के ललौरी खेड़ा ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख हैं। मां सीमा गंगवार बरेली में रेलवे में चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर हैं। आदित्य परिवार का इकलौता बेटा है। उसकी एक छोटी बहन है। हादसा बरेली शहर में बीचोबीच श्यामगंज फ्लाईओवर पर हुआ। स्टेडियम जाते वक्त हुआ हादसा आदित्यवीर का परिवार मूलरूप से पीलीभीत का रहने वाला है। बरेली के प्रेमनगर में भी उनका घर है। आदित्यवीर जीआरएम स्कूल में 8वीं में पढ़ता है। अस्पताल पहुंचे मंत्री संजय गंगवार ने कहा- मेरा भतीजा आदित्यवीर सुबह अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से रनिंग के लिए घर से स्टेडियम के लिए जा रहा था। श्यामगंज पुल से गुजरते समय वह चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। रास्ते में चाइनीज मांझे से उसका गला आगे से पीछे तक कट गया। उसकी एक उंगली भी पूरी तरह कट गई है। आदित्य का ईशान अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी वह ओटी में था। मैं देखकर आया हूं, उसकी हालत अभी नाजुक है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत अभी चिंताजनक है। मंत्री बोले- प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा बिकना गंभीर मंत्री ने कहा- चाइनीज मांझे पर सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है। इसके बावजूद बाजार में मांझा बिकना गंभीर है। डीएम-एसएसपी दोनों को बुलाकर बात करूंगा। चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। यह भी पता लगाया जाए कि बाजार में इसकी आपूर्ति कैसे हो रही है? मां बोलीं- कितने लोगों की जान चली गई होगी आदित्यवीर की मां सीमा गंगवार ने कहा- मेरे बच्चे के साथ हुआ यह हादसा क्या पहला मामला है? क्या इससे पहले की घटनाओं की जानकारी शासन तक नहीं पहुंचाई गई? प्रशासन ने पुराने मामलों में क्या कार्रवाई की? अगर पहले ही उचित कदम उठाए गए होते, तो शायद यह घटना नहीं होती। मेरी प्रशासन से अपील की है कि वे अब भी जाग जाएं, क्योंकि यह घटना बहुत बड़ी है। मैं तो माइक पर अपनी बात रख पा रही हूं और लोगों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त कर रही हूं। लेकिन बहुत से लोग ऐसे होंगे, जो इलाज का खर्च भी नहीं उठा पाए होंगे। मुझे इस बात की चिंता है कि कई लोगों की इस तरह की घटनाओं में जान भी चली गई होगी। लेकिन, किसी को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। सिर्फ इतनी ही कार्रवाई काफी नहीं है। अगर पुल बनाया गया है और वहां लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो प्रशासन को पुल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए। जब पुल पास होता है, तो सुरक्षा के मानकों को क्यों नजरअंदाज कर दिया जाता है? सीमा ने बताया- घटना के समय बच्चा होश में नहीं था। अभी भी उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है। मेरा परिवार जीआरएम स्कूल के पास ही रहता है। मैंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि या तो चाइनीज मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए या फिर पुल पर सुरक्षा व्यवस्था की जाए। जिससे भविष्य में किसी को भी ऐसी गंभीर क्षति का सामना न करना पड़े। डॉक्टर बोले- गर्दन की नसें कटीं, ऑपरेशन में 3 घंटे लगे ईशान हॉस्पिटल के डॉक्टर कौशल कुमार ने बताया- चाइनीज मांझे से आदित्य का ऊपरी होंठ, दाहिना गाल और गर्दन पर गहरे घाव हो गए थे। कान भी कट गया था। बाएं हाथ की एक उंगली भी कटकर लटक गई थी। मांझे से गर्दन की नसें कटने के कारण काफी रक्तस्राव हुआ। उन्होंने बताया- आदित्यवीर बुरी तरह घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचा। तुरंत उसका ऑपरेशन किया गया। इसमें साढ़े तीन घंटे लगे। जरूरत पड़ने पर ब्लड चढ़ाया जाएगा। पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी 3-4 हफ्ते का समय लग सकता है। फिलहाल बच्चे की जान सुरक्षित है। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा- चाइनीज मांझे के खिलाफ पहले भी अभियान चलाया गया है। इस दौरान मांझा बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां भी हुई थीं। एक बार फिर जिलेभर में अभियान चलाया जाएगा। जो लोग इस तरह का खतरनाक मांझा स्टोर कर रहे हैं या बेच रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे बरेली समेत प्रदेश के कई जिलों में चाइनीज मांझे की वजह से लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद इसकी बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्रवाई और प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं। योगी ने कहा था- चाइनीज मांझे से मौत अब हत्या मानी जाएगी 5 फरवरी, 2026 को सीएम योगी ने कहा था कि अब अगर चाइनीज मांझे से किसी की जान जाती है, तो हत्या का केस दर्ज कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है। इसकी बिक्री और इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी ने पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया था कि इस अवैध नेटवर्क की पहचान करें। तत्काल छापेमारी कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। चाइनीज मांझे से इस साल हुईं 2 बड़ी घटनाओं को पढ़िए- 1. लखनऊ में चलती बाइक पर एमआर का गला कटा
4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान मोहम्मद शोएब (33) के रूप में हुई। घटना दोपहर करीब 2 बजे की खाला बाजार थाना क्षेत्र के हैदरगंज ओवरब्रिज की है। पढ़ें पूरी खबर 2. डॉक्टर की गर्दन कट गई थी, बीच सड़क तड़पकर मौत
14 जनवरी को जौनपुर में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से एक डॉक्टर की मौत हो गई थी। वह बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया और गर्दन कटती चली गई। मांझे की धार इतनी तेज थी कि उनकी गले की हड्‌डी तक कट गई थी। हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे लाइन बाजार थाना क्षेत्र के प्रसाद चौराहे पर हुआ था। मृतक की पहचान केराकत निवासी डॉक्टर समीर हाशमी (28) के रूप में हुई थी। पढ़ें पूरी खबर पिछले साल चाइनीज मांझे से 6 की जान गई थी यूपी में बैन है चाइनीज मांझा यूपी में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बाद भी इसकी बिक्री हो रही है। भारत में सामान्य धागे से पतंग की डोर तैयार होती है, लेकिन चीन में नायलॉन के साथ मेटलिक पाउडर का उपयोग होता है। इसमें कांच और लोहे के चूरे को भी मिलाया जाता है ताकि धार और तेज हो। नायलॉन के धागे के कारण पेच लड़ने पर खिंचाव बढ़ता है और चाइनीज मांझा कटता नहीं है। कांच और लोहे का चूर्ण मिला यह मांझा गला रेतने के लिए पर्याप्त होता है। ————————– ये खबर भी पढ़ें- चाइनीज मांझे से कटी छात्र की गर्दन: मेरठ में कोचिंग जाते समय चपेत में आया, ऑपरेशन के बाद भी हालत नाजुक मेरठ में चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। सोमवार सुबह कोचिंग जा रहे 11वीं के छात्र की गर्दन चाइनीज मांझे से बुरी तरह कट गई। छात्र सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़ा। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन किया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

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