धर्म परिवर्तन का दबाव, निर्वस्त्र कर पिटाई—आठ महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा
👉 कोर्ट के हस्तक्षेप पर एससी-एसटी समेत गंभीर धाराओं में केस, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल…
कौशाम्बी । जनपद के सराय अकिल थाना क्षेत्र में सामने आए एक गंभीर प्रकरण ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उस पर और उसके परिवार पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसे निर्वस्त्र कर अपमानित भी किया गया। इतना ही नहीं, उसके बेटे को भी बेरहमी से पीटने और उस पर वाहन चढ़ाने का आरोप है। संवेदनशील मामला होने के बावजूद पुलिस पर कार्रवाई के बजाय प्रकरण को दबाने के आरोप लगे हैं।
पीड़िता के अनुसार डिहवा कटैया गांव के कुछ नामजद आरोपियों ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। इनकार करने पर परिवार को प्रताड़ित किया जाने लगा। छह सितंबर 2025 को उसका बेटा जब बाजार जा रहा था, तब स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने उसे रोककर बुरी तरह पीटा और उसके पैर पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जब पीड़िता अपने बेटे के साथ शिकायत करने जा रही थी, तभी रास्ते में आरोपियों ने उसे रोक लिया और कथित रूप से निर्वस्त्र कर मारपीट की।
महिला का आरोप है कि वह किसी तरह पुलिस चौकी पहुंची, लेकिन वहां भी उसे न्याय नहीं मिला। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय सादे कागज पर अंगूठा लगवाकर समझौते का दबाव बनाया और मामले को दबाने की कोशिश की। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद लगभग आठ महीने बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
यह मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं, बल्कि महिला की गरिमा पर हमला, कथित जबरन धर्म परिवर्तन, सामूहिक हिंसा और पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों को लेकर बेहद संवेदनशील बन गया है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करता, तो मामला दबा रह जाता। अब देखना होगा कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।
Amarnath Jha Kaushambi – 9415254415
