चौकी पुलिस के ठेंगे पर है उच्च अधिकारियों का आदेश, पुलिस नहीं कर रही कार्यवाही, थाना मंझनपुर के टेवा का मामला ,क्राइम नंबर 407/25 में कार्रवाई ठप, न्याय के लिए भटक रही थाना- चौकी पीड़िता
कौशाम्बी की बड़ी खबर — टेवा गांव में महिला पर हमला,चौकी पुलिस की लापरवाही उजागर ,आरोपी को पकड़कर छोड़ा
👉 थाना मंझनपुर के टेवा गांव में अकेली महिला पर 7 महिलाओं और दो पुरुषों ने मिलकर किया हमला।
👉 पीड़िता अपनी जमीन पर मकान निर्माण करा रही थी, तभी दबंगों ने मोबाइल–पर्स छीनकर तोड़ दिया दीवार और मिस्त्री–मज़दूरों को दी धमकी।
👉 गंभीर घटना पर पुलिस ने मात्र चार नाम दर्ज कर मामूली धाराओं में रिपोर्ट कर दिया कमजोर। पीड़िता 27 नवंबर से लगातार थाना–चौकी के चक्कर लगा रही, लेकिन न गिरफ्तारी हुई न सामान बरामद।
👉 पीड़ित पक्ष का आरोप—चौकी पुलिस की मिलीभगत से आरोपी खुलेआम दे रहे धमकियाँ। एक सप्ताह बीतने के बाद भी महिला का कोर्ट में 183 का बयान नहीं कराया गया।
👉 आज 4 दिसम्बर को थाना प्रभारी ने लोकेशन निकलवाई, चौकी इंचार्ज आरोपी विवेक को पकड़ा लेकिन कुछ देर बाद छोड़ दिया।
👉 स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की कर रहे मांग। अभी तक नहीं हुआ 183 का कोर्ट में बयान ।

कौशाम्बी जिले के थाना मंझनपुर क्षेत्र के टेवा गांव में 26 नवंबर को जमीन विवाद के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई, जहाँ अकेली महिला कौशल्या पर 7 महिलाओं और दो पुरुषों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार पीड़िता अपनी स्वयं की जमीन पर मकान निर्माण करा रही थी, तभी दबंगों ने मौके पर पहुँचकर मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने महिला का मोबाइल और पर्स छीनकर दीवार लिंटर तोड़ दिया तथा निर्माण कार्य में लगे 3 मिस्त्री और मजदूरों को भी धमकाया है ।
घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल थाना मंझनपुर में तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने 9 हमलावरों में से केवल 4 लोगों के नाम ही रिपोर्ट में दर्ज किए। इतना ही नहीं, गंभीर हमले के बावजूद पुलिस ने मामूली धाराएँ लगाकर मामले को कमजोर कर दिया। छीना गया मोबाइल और पर्स बरामद करने के बजाय पुलिस ने इसे “कहीं गिर गया” बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
पीड़िता 27 नवंबर से 4 दिसंबर तक लगातार एक सप्ताह से थाना–चौकी के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक न किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई और न ही छीना गया सामान वापस मिला। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि चौकी पुलिस की मिलीभगत के कारण दबंग खुलेआम धमकियाँ दे रहे हैं और महिला का रास्ता रोकना व पीछा करना भी जारी है। इससे पीड़िता भय के माहौल में जीने को मजबूर है।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने पीड़िता का कोर्ट में 183 का बयान नहीं कराया। पीड़िता का कहना है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है।

मामले के बढ़ते दबाव के बीच आज थाना प्रभारी ने मोबाइल लोकेशन निकलवाकर एक आरोपी विवेक को चौकी इंचार्ज से पकड़ा लिया, लेकिन कुछ देर बाद उसे चौकी पुलिस ने छोड़ भी दिया , जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक और आई0जी0 प्रयागराज जोन,वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोग भी पुलिस से त्वरित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
— अमरनाथ झा, पत्रकार –8318977396
