करारी थाना में दलित महिला से अभद्रता, सिपाही पर आरोप, 30 अक्टूबर की तहरीर पर नहीं हुई दर्ज रिपोर्ट, उल्टा पीड़िता को बनाया निशाना

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👉  करारी थाना क्षेत्र में दलित महिला क्रांति देवी के साथ पुलिस अभद्रता का मामला चर्चा में। 30 अक्टूबर को दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज न कर उल्टा पीड़िता को धमकाया गया।

👉 सिपाही राजन पर गाली-गलौज और दबंगों से मिलीभगत के आरोप। पीड़िता ने एसपी से न्याय व दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की किया मांग ।

👉 5 दिन बीता नहीं लिखी गई रिपोर्ट,थाना मंझनपुर और थाना करारी में दौड़ी महिला, सिपाही की करतूत बनी चर्चा का विषय,महिला सशक्तिकरण मात्र बना दिखावा 

कौशाम्बी। जहां एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण का अभियान चला रही है वही करारी थाने में तैनात राजन सिपाही द्वारा दलित महिला के साथ बत्तमीजी किं गई और विपक्षी दबंग अफतार अहमद से सांठ गांठ कर महिला के खिलाफ कार्यवाही कर दी गई है ।  जिले के करारी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। सैदापुर निवासी दलित महिला क्रांति देवी ने आरोप लगाया है कि 30 अक्टूबर को उन्होंने दबंगों द्वारा मारपीट और जातिसूचक गालियां दिए जाने की लिखित शिकायत करारी थाने में दी थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय मामले को दबा दिया। इसके उलट, पीड़िता को ही थाने बुलाकर अभद्रता और धमकी दी गई।

पीड़िता के अनुसार 28 अक्टूबर को करारी थाना क्षेत्र के पचम्भा गांव में बकरी खेत में जाने को लेकर अफसार अहमद, उसकी पत्नी और दो बेटियों ने उन्हें और उनकी बेटी करिश्मा को बेरहमी से मारा-पीटा। करिश्मा के बाल तक उखाड़ लिए गए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। पहले यह शिकायत दीवर कोतारी चौकी में दी गई थी, परन्तु घटना स्थल करारी थाना क्षेत्र में होने के कारण 30 अक्टूबर को पुनः करारी थाने में तहरीर दी गई।

आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद करारी थाने की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि 1 नवम्बर को पीड़िता को थाने बुलाकर सिपाही राजन ने अभद्रता की और गाली-गलौज करते हुए धमकाया। महिला सिपाही और दरोगा पर भी दबंगों से मिलीभगत के आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि विपक्षियों से पैसे लेकर उल्टा पीड़िता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया और मां बेटी का चलान कर दिया गया है।

थाने में हुई यह अभद्रता अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। पीड़िता ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की है। उन्होंने मांग की है कि सिपाही राजन सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और पुलिस आचार संहिता के तहत कठोर कार्रवाई की जाए ताकि दलितों को न्याय मिल सके।

अमरनाथ झा पत्रकार – कौशाम्बी 

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