बीओबी बैंक मित्र लाखों लेकर फरार, ग्रामीणों ने डीएम-एसपी से लगाई गुहार
👉 ग्रामीणों को अंगूठा लगवाकर और नकली रसीद देकर पैसे हड़पे, ग्रामीणों ने डीएम, एसपी और बैंक प्रबंधक से न्याय की गुहार लगाई।
👉 बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा प्रबंधक ने जांच का आश्वासन दिया, व्यापार संगठन ने भी आवाज उठाई।
👉 मामला AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के दुरुपयोग से जुड़ा है।
👉 बैंक मित्र सत्यम यादव द्वारा लगभग 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी, मिनी बैंक 25 अगस्त से बंद करके फरार
कौशाम्बी। चायल तहसील क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा की मिनी शाखा चला रहे बैंक मित्र सत्यम यादव ने सैकड़ों खाताधारकों को तगड़ा झटका दे दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक मित्र ने अंगूठा लगवाकर धोखाधड़ी से लाखों रुपये निकाल लिए और कई जमाकर्ताओं का पैसा खाते में जमा ही नहीं किया। बीते 25 अगस्त से मिनी बैंक बंद है और आरोपी बैंक मित्र फरार बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यम यादव बीते एक साल से मोहम्मदपुर शाखा से अधिकृत मिनी बैंक चला रहा था। वह ग्राहकों से पैसा जमा कर रसीद देता, लेकिन पासबुक में प्रविष्टि करने से बचता और “सर्वर डाउन” होने का बहाना करता था। अब ग्रामीणों को पता चला कि करीब 40 लाख रुपये का गबन किया गया है। बुधवार को दर्जनों पीड़ित मोहम्मदपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पहुंचे और शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपी। पीड़ितों ने डीएम और एसपी कौशाम्बी से भी न्याय की गुहार लगाई है।
ग्रामीण तीरथ राम केसरवानी, आयुष केसरवानी, राखी सोनकर, नुसरत बेगम, सुनीता देवी समेत कई खाताधारकों ने बताया कि आरोपी ने उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली है। व्यापार संगठन ने भी इस मामले में आवाज उठाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए बायोमेट्रिक धोखाधड़ी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। नियमानुसार, ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना कोई लेनदेन नहीं किया जा सकता। ऐसे में बैंक और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे खाताधारकों के हितों की रक्षा करें।
