गौरमेंट आईटीआई मंझनपुर में नहीं थम रहा भ्रष्टाचार ,प्रिंसिपल की लापरवाही से वाइवा इंटरव्यू में भारी अनियमितता
👉 मंझनपुर आईटीआई में छात्रों के साथ लापरवाही, वाइवा में नहीं पहुंचे पर्यवेक्षक। सुबह 9 से शाम 5:45 तक छात्र करते रहे इंतजार, बिना सूचना लौटे घर।
👉 बिना सूचना प्रिंसिपल ने रात में गुपचुप तरीके से कुछ छात्रों से लिया वाइवा। एनसीवीटी गाइडलाइन का उल्लंघन, परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवाल।
👉 छात्रों व अभिभावकों में आक्रोश, जांच और कार्रवाई की उठी मांग, शिक्षा विभाग व प्रशासन से त्वरित संज्ञान लेने की अपील।
कौशांबी । आईटीआई मंझनपुर में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और संस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है। एनसीवीटी (NCVT) की 2025 की परीक्षा के तहत 17, 18, और 19 जुलाई को संपन्न हुए प्रैक्टिकल परीक्षाओं के पश्चात नियमानुसार वाइवा इंटरव्यू आयोजित होना था। परंतु 19 जुलाई को तय समय पर किसी भी पर्यवेक्षक की उपस्थिति न होने के कारण सभी छात्र सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 5:45 बजे तक इंतजार करते रहे और निराश होकर घर लौट गए।
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह रहा कि न तो छात्रों से संपर्क किया गया और न ही अगले दिन कोई सूचना जारी की गई। छात्रों के अनुसार, जब मामला उजागर होने लगा तो मंझनपुर आईटीआई के प्रिंसिपल रुद्र गौतम ने रात 7:00 बजे कुछ चुनिंदा छात्रों को गुपचुप तरीके से बुलाया और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए वाइवा इंटरव्यू ले लिया। यह कार्य न केवल पारदर्शिता के खिलाफ है बल्कि एनसीवीटी के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन भी है, जिसमें प्रैक्टिकल के ठीक अगले दिन वाइवा आयोजित करने का प्रावधान है।
छात्रों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। वे मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग को चाहिए कि वे इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लें और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु त्वरित कदम उठाएं।
रिपोर्ट: अमरनाथ झा पत्रकार
