यूपी के कौशाम्बी में दुष्कर्म पीड़िता से मिलने पहुंचे पाल समाज के प्रतिनिधियों को पुलिस ने रोका, गांव में धारा 144 लागू
👉 पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर प्रतिनिधियों को गांव में प्रवेश से रोका, घटना डेढ़ माह पुरानी, आरोपी को पहले जेल भेजा गया, अब पास्को हटने पर मिली जमानत।
👉 पीड़िता का पति अब भी जेल में, परिवार पर चौतरफा दबाव का आरोप ,पाल समाज ने पीड़िता के परिजनों को दी 41 हजार की आर्थिक सहायता ।
👉 प्रशासन ने गांव में तनाव के मद्देनज़र सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई,लोगो ने कहा यह पीड़ित के साथ हो रहा अन्याय
कौशांबी । जिले के कोतवाली सैनी क्षेत्र के लौंहदा गांव में उस समय प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई जब उन्नाव और लखनऊ से पहुंचे पाल समाज के प्रतिनिधियों ने 8 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मुलाकात का प्रयास किया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधियों को मुलाकात से रोक दिया। गांव में पहले से धारा 144 लागू होने के कारण बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध है।
जानकारी के अनुसार, लगभग डेढ़ माह पूर्व लौंहदा गांव में एक आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन मामला तब राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। इसके बाद आरोपी को पास्को एक्ट हटने के बाद जमानत मिल गई, वहीं पीड़िता के पति को जेल भेज दिया गया।
घटना के बाद से पीड़ित परिवार के घर के बाहर पुलिस बल तैनात है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पाल समाज के प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर पीड़िता के करीबियों को 41 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक रोक पर नाराजगी जताई और इसे पीड़ित परिवार के साथ अन्याय बताया। पीड़िता का पति अभी भी जेल में है ।
इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनावपूर्ण शांति का माहौल है, जबकि जिला प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लगातार निगरानी बनाए हुए है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396
