कौशाम्बी में आईटीआई नकल माफियाओं की बल्ले-बल्ले
👉 वर्ष 2018 में सिराथू आईटीआई सेंटर पर नकल करते पकड़े गए थे संस्थान के कर्मचारी व अधिकारी
👉 इसके बाद 5 साल से मंझनपुर आईटीआई में नकलविहीन परीक्षाएँ हो रही थीं।
👉 अब ट्रांसफर हो चुके कर्मचारी रोहित ने प्राइवेट आईटीआई से पैसे लेकर सिराथू को सेंटर बनाने की डील की।
👉 प्रधानाचार्य सिराथू ने रोहित को फिर ड्यूटी पर बुलाया, जबकि उनका ट्रांसफर फतेहपुर हो चुका है।
👉 नियम के अनुसार सेंटर मुख्यालय के पास होना चाहिए, पर नकल माफियाओं की दाल न गलने से सेंटर हटाने की तैयारी है।
कौशाम्बी । जिले में एक बार फिर से आईटीआई परीक्षाओं में नकल कराने की बड़ी साज़िश सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यालय स्थित आईटीआई मंझनपुर कौशाम्बी से परीक्षा सेंटर हटाकर सिराथू आईटीआई में केंद्र बनाकर नकल कराने की तैयारी चल रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में भी सिराथू आईटीआई को सेंटर बनाया गया था, जहाँ परीक्षा के बाद आईटीआई कर्मचारियों को कॉपी बदलते हुए उपजिलाधिकारी महोदय ने रंगे हाथों पकड़ा था। इसी कारण पिछले पाँच वर्षों से मुख्यालय मंझनपुर स्थित आईटीआई में नकलविहीन और सुचारू रूप से परीक्षाएँ आयोजित की जा रही थीं। नकल माफियाओं की एक न चल पाने के कारण सेंटर यहीं रखा गया था।
लेकिन अब खबर है कि कार्यदेशक रोहित, जिनका तबादला फतेहपुर हो चुका है, वे प्राइवेट आईटीआई से प्रति छात्र 1500 से 2000 रुपये की डील कर रहे हैं। इसके तहत सिराथू आईटीआई को फिर से परीक्षा सेंटर बनाकर नकल कराने की योजना बनाई गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिराथू आईटीआई के प्रधानाचार्य द्वारा, ट्रांसफर हो चुके कर्मचारी रोहित को अवैध रूप से सिराथू में ड्यूटी दिलवाई जा रही है, जबकि उनका स्थानांतरण फतेहपुर हो चुका है।
नियमों के मुताबिक परीक्षा केंद्र मुख्यालय के निकट ही बनाया जाना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और नकल पर रोक लग सके। लेकिन नकल न हो पाने की वजह से ही अब सेंटर को मुख्यालय से हटाकर सिराथू ले जाने की तैयारी चल रही है।
इस पूरे मामले से यह साफ़ झलकता है कि नकल माफियाओं की पहुँच कितनी गहरी है और किस तरह से वे सिस्टम में सेंध लगाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं।
अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396
