Fri. Apr 4th, 2025

सिराथू तहसील में कानूनगो प्रदीप सिंह पर जमीनों के हेरफेर का गंभीर आरोप, जांच की उठी मांग,मृतकों के नाम से करवाता फर्जी मुकदमे, सरकारी फाइलों में हेरफेर

👉 सिराथू तहसील में बड़ा जमीन घोटाला, कानूनगो प्रदीप सिंह पर गंभीर आरोप,संगठित रैकेट का पर्दाफाश, कई लेखपाल भी शामिल

👉 सिराथू की पुरानी तहसील बना अड्डा, रसूखदारों से करीबी,किसानों का आक्रोश, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग..

👉 जल्द होगा प्रदीप सिंह और इनके गिरोह के किए गए कारनामे का खुलासा ,चर्चाओं का है बाजार गर्म..

कौशाम्बी। सिराथू तहसील में तैनात कानूनगो प्रदीप सिंह पर जमीनों के हेरफेर और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई गांवों में जमीनी रिकॉर्ड में हेरफेर कर किसानों और आम नागरिकों को परेशान किया है। मृतकों के नाम से मुकदमे दाखिल कर फर्जी आदेश पारित करवाने, दफ्तर की फाइलों में छेड़छाड़ करने और मनमाने तरीके से नापजोख कर विवाद पैदा करने के आरोपों के बाद स्थानीय लोग जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बड़े पैमाने पर किया गया हेरफेर

सूत्रों के अनुसार, सिराथू तहसील के कोर्रो, टेंगाई, बड़नपुर, कादीपुर ईचौली, अस्कारनपुर मंगरोहनी, गाजी का पूरवा, बसोहनी, मवई और सिराथू सहित दर्जनों गांवों में प्रदीप सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर जमीनी रिकॉर्ड में हेरफेर किया है। किसानों की जमीनों को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे कई लोग कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए हैं।

फर्जीवाड़े में शामिल एक पूरा रैकेट!

स्थानीय लोगों का कहना है कि कानूनगो प्रदीप सिंह एक संगठित रैकेट चला रहे हैं, जिसमें कई लेखपाल और तहसील के कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम मिलकर गरीब किसानों और आम लोगों की जमीनों को इधर-उधर करने का खेल खेल रही है। एसडीएम न्यायिक और नायब तहसीलदार अतुल कुमार वर्मा सहित कई अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुरानी तहसील में बनाया अड्डा, रसूखदारों से उठता-बैठता है प्रदीप सिंह

सूत्रों का कहना है कि प्रदीप सिंह ने सिराथू की पुरानी तहसील में अपना स्थायी अड्डा बना लिया है। वह खुद को एक बड़े राजनेता का करीबी बताकर प्रभावशाली लोगों के साथ उठता-बैठता है। इस रसूख का फायदा उठाकर वह जमीनों के हेरफेर से लेकर फर्जी आदेश पारित कराने तक हर तरह की गड़बड़ी को अंजाम दे रहा है। इसी तरह हेमंत रावत बड़नपुर कादीपुर इंचौली के साथ किया है और साजन कोरी निवासी टेंगाई, तथा शाहजहां बेगम निवासी कोर्रो के साथ कर चुका है ।

किसानों में रोष, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

इस घोटाले के खुलासे के बाद स्थानीय किसान और प्रभावित लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाता है, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

क्या होगी प्रशासन की अगली कार्रवाई?

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और राजस्व विभाग इस मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या इस कथित रैकेट की निष्पक्ष जांच होगी? क्या भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? यह सवाल अभी भी अनसुलझे हैं, लेकिन जनता को उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

( अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415 )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुख्य ख़बरें