संभल हिंसा के विरोध में कांग्रेसजनों ने किया कैंडल मार्च ,गाज़ीपुर बॉर्डर पर राहुल और प्रियंका गांधी को रोकने पर सरकार की आलोचना, प्रयागराज में कांग्रेसजनों ने निकाला शांतिपूर्ण कैंडल मार्च

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Kaushambi voice
👉 कांग्रेसजनों ने संभल हिंसा के खिलाफ किया कैंडल मार्च, सरकार पर साधा निशाना , काफ़ी संख्या में लोग रहे शामिल 

👉 संभल हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय और सद्भाव की प्रार्थनास ,रकार पर दंगा प्रायोजित करने और लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप

👉 बीजेपी पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का कांग्रेस का आरोपप्र ,मुख कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में सभा का आयोजन ,उत्तर प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की अपील

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में हुई हिंसा और कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को गाज़ीपुर बॉर्डर पर रोकने के विरोध में आज पूरे प्रदेश में कांग्रेसजनों ने कैंडल मार्च आयोजित किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर प्रयागराज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस स्थित चर्च से सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला।
कैंडल मार्च का आयोजन सायं 5:30 बजे आयोजित इस कैंडल मार्च में कांग्रेसजनों ने सरकार को सद्बुद्धि और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की प्रार्थना की। चर्च के पास कैंडल जलाने के दौरान पुलिस ने मार्च रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से सुभाष चंद्र बोस चौराहे तक मार्च पूरा किया। नेताओं का संबोधन सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने संभल हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। वक्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का संवैधानिक अधिकार था कि वे पीड़ित परिवारों से मिलें, लेकिन सरकार ने गाज़ीपुर बॉर्डर पर उन्हें रोककर लोकतंत्र और संविधान का अपमान किया।”
सरकार पर आरोप लगाते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह दंगा प्रायोजित था और सरकार ने इसे अपनी राजनीतिक लाभ के लिए अंजाम दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में भाजपा की स्थिति खराब देखकर सरकार सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। प्रमुख नेता उपस्थित इस कैंडल मार्च और सभा में संजय तिवारी, प्रदीप मिश्रा, अंशुमन, राकेश पटेल, जावेद अर्शी, नयन कुशवाहा, देवराज उपाध्याय, अशफाक अहमद, विनय पांडे, शुभम शुक्ला, शादाब अहमद, लल्लन पटेल, विक्रम सिंह सहित कई नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार को सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में संवेदनशील बनाने की अपील करना था।

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